Why Randeep Hooda Said No To Rang De Basanti: फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा आजकल अपनी फिल्म जाट को लेकर सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होने एक विलेन का रोल निभाया है। परदे पर रणदीप हुड्डा का सामना ढाई किलो के हाथ वाले हीरो सनी देओल से होता है। जानकारी के मुताबिक फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कर रही हैं और दर्शकों को सनी देओल और रणदीप हुड्डा की अदाकारी पसंद आ रही है। इस बीच रणदीप हुड्डा ने एक इंटरव्यू दिया है। जिसमें उन्होने अपने करियर के शुरूआती दिनो व कुछ फिल्मों को रिजेक्ट करने का पछतावा भी जाहिर किया है। इन्ही में से एक फिल्म फिल्म मेकर राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म रंग दे बसंती भी थी। जो एक मल्टीस्टारर फिल्म थी और इसमें आमिर खान,शरमन जोशी,कुणाल कपूर,आर माधवन,सोहा अली खान व सिद्धार्थ जैसे कलाकार ने अहम रोल निभाया था। फिल्म ने राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता था।
रणदीप हुड्डा ने हाल ही में यूट्यूबर शुभांकर मिश्रा से की गई एक खास बातचीत में इस बारे में विस्तार से बातें की हैं। शुभांकर ने जब रणदीप से पूछा कि आपको किसी छोड़ी हुई फिल्म का पछतावा है। कि ये फिल्म अगर कर ली होती, तो आज करियर कहीं और होता। तब उन्होने राकेश ओमप्रकाश मेहरा की फिल्म रंग दे बसंती का नाम लिया और बताया कि किस वजह से उन्होने ये फिल्म छोड़ी थी। रणदीप के मुताबिक राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने उन्हे सिद्धार्थ वाला रोल ऑफर किया था। जिसमें शहीद भगत सिंह की छवि को परदे पर उकेरा गया था। इस बारे में रणदीप कहते हैं कि उन्होंने अगर रंग दे बसंती की होती, तो आज उनकी गणना अलग लीग में होती। रणदीप ने आगे कहा कि मैंने ऑडिशन दिया था।
राकेश ओमप्रकाश मेहरा मेरे पास आते थे और वह मुझसे कहते थे ‘कर ले कर ले पिक्चर कर ले। मैं वह फिल्म करना चाहता था लेकिन उस दौरान राम गोपाल वर्मा ने मुझे एक फिल्म डी में लीड रोल देने का वादा किया था। जब मैंने उनके इस बारे में बताया तो उन्होने मुझसे कहा कि ‘मैं तुम्हें डी में मुख्य भूमिका में लेने की सोच रहा हूं और तुम पोस्टर में आमिर के पीछे जाकर खड़े होना चाहते हो। वहीं मेरी जाट अकड निकल आई और मैंने कहा कि ‘मैं आमिर के पीछे नहीं खड़ा होऊंगा और मैंने फिल्म छोड़ दी। मैंने रॉक ऑन भी इसी तरह के कारणों से छोड़ दी थी। बाद में रणदीप ने अपनी एक और फिल्म हाईवे के प्री प्रमोशन इवेंट में इग्नोर किए जाने पर भी दुख जाहिर किया।
आमिर खान की लीड भूमिका से सजी ये फिल्म 26 जनवरी 2006 को रिलीज हुई थी। जिसने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा दिया था। राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने अपनी फ्रेश कहानी से लोगों को देशभक्ति का पाठ पढ़ाया था। राकेश ओमप्रकाश मेहरा को इस फिल्म की कहानी लिखने में करीब तीन साल लग गए थे। उनकी पिछली फिल्म अक्स असफल साबित हुई थी। जिसकी वजह से वो बहुत सतर्क थे।
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