Rajesh Khanna का साल 1969-73 तक रहा बॉक्स ऑफिस पर रहा जलवा, लेकिन इन दो नए स्टार्स की वजह से काका का स्टारडम कम हुआ और Dharmendra हमेशा राजेश को टक्कर देते रहे 

Rajesh Khanna was dominant at the box office from 1969-73: बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना जिन्होंने साल 1966 में आई फिल्म ‘आखिरी खत’ से बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी। इस फिल्म के बाद भी राजेश खन्ना की चार फिल्में लगातार फ्लॉप रही थी। लेकिन साल 1969 में राजेश खन्ना का एक नया उदय होता है और इस साल राजेश दो बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में- ‘दो रास्तें’ और ‘आराधना’ देते हैं। इन दो बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से ही राजेश खन्ना स्टार बन जाते हैं। लेकिन इसी धर्मेन्द्र जोकि उस वक्त स्टार थे उन्होंने भी दो बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्में-’आया सावन झूम के’ और ‘यकीन’ दी थी। 

इसके बाद साल 1970 में राजेश खन्ना ने चार बड़ी हिट फिल्में ‘सच्चा झूठा’, , ‘आन मिलो सजना’, ‘सफर’,, ‘द ट्रेन’ दी। लेकिन इसी साल धर्मेन्द्र ने भी ‘जीवन मृत्यु’, ‘शराफत’, ‘तुम हसीं मैं जवान’ और ‘कब क्यों और कहां’ जैसी चार बड़ी हिट फिल्में दी। धर्मेन्द्र बराबर से राजेश खन्ना को टक्कर देते रहे हैं। साल 1971 में भी राजेश खन्ना और धर्मेन्द्र में टक्कर रही। राजेश खन्ना ने इस साल ‘हाथी मेरे साथी’, ‘मर्यादा’, ‘कटी पतंग’, ‘ अंदाज’ और  ‘आनंद’ जैसी पांच हिट फिल्में दी। इस साल धर्मेन्द्र भी राजेश खन्ना से पीछे नहीं रहे, उन्होंने भी ‘मेरा गांव मेरा देश’, ‘नया जमाना’, और  ‘रखवाला’ जैसी तीन बड़ी हिट फिल्में दी। इसी दौरान अमिताभ बच्चन ने राजेश खन्ना के साथ फिल्म ‘आनंद’ में काम किया था और अपनी एक पहचान बना ली थी। आगे जाकर अमिताभ ही राजेश खन्ना के स्टारडम पर भारी पड़े। 

साल 1972 में राजेश खन्ना ने ‘दुश्मन’, ‘अमर प्रेम’, ‘बावर्ची’ और ‘अपना देश’ जैसी चार हिट फिल्में दी। वहीं धर्मेन्द्र ने भी  ‘सीता और गीता’, ‘राजा जानी’,  और ‘समाधि’ जैसी तीन हिट फिल्में दी। हालांकि इन फिल्मों के अलावा राजेश ने नौ फ्लॉप फिल्में दी थी। लेकिन साल 1973 में राजेश खन्ना दो हिट फिल्में- ‘दाग’ और ‘नमक हराम’ दी थी। इस साल धर्मेन्द्र का जलवा कायम रहा और उन्होंने ‘जुगनू’, ‘यादों की बारात’, ‘कहानी किस्मत की’, ‘लोफर’, और ‘झील के उस पार’ जैसी पांच बड़ी हिट फिल्में दी। यही वो समय था जब  इंडस्ट्री को दो नए सुपरस्टार- ऋषि कपूर और अमिताभ बच्चन मिले थे। इसी साल ऋषि कपूर ने ‘बॉबी’ जैसी सुपरहिट फिल्म दी थी। वहीं अमिताभ बच्चन ने ‘जंजीर’ जैसी हिट फिल्म दी थी। यही समय था जब राजेश खन्ना के स्टारडम का पतन शुरू हो गया था। अमिताभ इस दौर में बॉलीवुड के एंग्रीयंग मैन बन गए थे। इसके बाद अमिताभ ने धर्मेन्द्र के साथ भी मिलकर कई फिल्मों में काम किया था, जिससे राजेश खन्ना की इमेज पर काफी असर पड़ा। इसके अलावा ऋषि कपूर ने एक नई तरह की रोमेंटिक फिल्मों की लड़ी लगा दी थी, जिससे राजेश खन्ना की रोमेंटिक बॉय वाली इमेज भी खत्म हो गई थी। 

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