Moushumi Chatterjee Recalls Her Daughters Demise: फिल्म अभिनेत्री मौसमी चटर्जी गुजरे जमाने की मशहूर अदाकारा रही हैं। जिन्होने अपने फिल्मी करियर की शुरूआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट किया था। हिंदी फिल्मों में मौसमी ने फिल्म अनुराग से कदम रखा था। इस फिल्म में वो विनोद मेहरा के साथ नजर आई थी। फिल्म सुपरहिट हो गई और मौसमी के एक्टिंग का सिलसिला बॉलीवुड में शुरू हो गया। अपने करियर के चरम पर मौसमी ने उस दौर के सभी बड़े कलाकारों के साथ अपनी जोड़ी बनाई थी। कई बार तो उन्हे लेकर कुछ विवाद भी हुए हैं। खैर यहां हम बात विवादों की नहीं बल्कि मौसमी चटर्जी की बेटी पायल की करेंगे, जिसका साल 2019 में एक लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। कुछ साल पहले लहरें को दिए एक इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकार भारती एस प्रधान से एक्ट्रेस ने इस बारे में बात की थी। जिसमें उन्होने अपना दर्द बयां किया था।
मौसमी ने इस इंटरव्यू में बताया था कि वो किसी से भी अपनी बेटी के बारे में बात करना पसंद नहीं करती हैं। अब जब वो है नहीं, तो उसके बारे में बात करने से क्या फायदा। बेटी पायल के निधन के बाद मौसमी सदमे में चली गई थी और अभी भी परिवार इससे उबर नहीं पाया है। लहरें से बात करते हुए इमोशनल हुई मौसमी ने बताया था कि बेटी के ना होने पर भी वो उसका 1 मई को हर साल बर्थडे सेलीब्रेट करती हैं और उसका पसंदीदा पाइनएप्पल केक काटती हैं। बेटी को याद करते हुए मौसमी आगे कहती हैं कि उसने गलत का चुनाव किया और उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ी, उसे ही क्या हम सबने भी कीमत चुकाई है।
एक्ट्रेस ने आगे बताया कि उनके पति जयंत चटर्जी अभी भी उसे भुला नहीं पाए हैं, उसकी फोटो देखते ही वो इमोशनल हो जाते हैं। वो कहती हैं कि फिर भी वो खुश हैं, क्योकि हर दिन एक मां अपने बच्चे को सरहद पर खो रही है। जिसकी वजह से हम लोग घर पर चैन की नींद सो पाते हैं। पायल के दुख को देखकर मैं भगवान से यही प्रार्थना करती थी कि इसे जल्दी से अपने पास बुला लो। पायल की मौत का सबसे ज्यादा सदमा उनकी छोटी बेटी मेघा को लगा है, जो उसे बहुत प्यार करती थी।
मौसमी का ये पूरा इंटरव्यू आप लहरें रेट्रो यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं और लहरें पोडकास्ट के यूट्यूब चैनल पर जाकर भी ये इंटरव्यू का चंक देख सकते हैं। जिसमें मौसमी बेटी के बारे में बात करते करते भावुक हो जाती हैं। मौसमी को आखिरी बार हिंदी फिल्म पीकू में देखा गया था। ये फिल्म 2015 में रिलीज हुई थी। इसके बाद वो कुछ बंगाली फिल्मों में भी नजर आई हैं।

