Mohammed Rafi Death Anniversary: हिंदी सिनेमा के सदाबहार गायक मोहम्मद रफी की आज पुण्यतिथि है। इस मौके पर उनके लाखों फैन्स नम आँखों के साथ अपने पसंदीदा गायक को याद कर रहे हैं। जैसा कि हम सभी जानते हैं कि मोहम्मद रफी ने एक फकीर से गाने की प्रेरणा हासिल की थी और इसके बाद बहुत कम उम्र में ही अपनी गायकी से सभी का मन मोह लिया था। मोहम्मद रफी को अपनी रूहानी आवाज़ के लिए जाना जाता है। मोहम्मद रफी ने अपने जमाने के सभी बड़े व मशहूर अभिनेताओं को सिनेमा स्क्रीन पर आवाज़ दी है। फिर चाहे वो दिलीप कुमार हो,भारत भूषण हो,प्रदीप कुमार हो या फिर अमिताभ बच्चन,शम्मी कपूर,धर्मेंद्र,जीतेंद्र,सुनील दत्त,ऋषि कपूर आदि सभी के के लिए गाने गाए हैं।
मोहम्मद रफी के यूं तो लाखों करोड़ों फैन्स हैं। पर वो खुद जिस शख्स ने फैन थे, वो कोई अभिनेता या राजनेता नहीं था। बल्कि वो एक खिलाड़ी था, वो भी बॉक्सर चैंपियन। अब तो आप जान ही गए होंगे कि हम किसी बॉक्सर चैंपियन की बात कर रहे हैं। हम बात कर रहें हैं अमेरिका के मशहूर बॉक्सर मोहम्मद अली की। एक बॉक्सिंग की दुनिया का बेताज़ बादशाह था, तो दूसरा आवाज़ की दुनिया का। दोनों अपने अपने देश को रिप्रेजेंट करते थे। एक का जब मुक्के का पंच लगता तो दुशमन धराशाई हो जाता था। तो दूसरे की जब मीठी आवाज़ कानों तक सुनाई देती तो दुशमन भी दोस्त बन जाता था, ये खासियत थी इन दोनों महान शख्सियत की। एक का नाम मोहम्मद रफी तो दूसरे का मुहम्मद अली। एक भारतीय तो दूसरा अमेरिकन।
मोहम्मद रफी साहब को गायकी के अलावा बॉक्सिंग और क्रिकेट बहुत पसंद था। इसलिए उनकी दिली तमन्ना थी कि वो अपने पसंदीदा शख्सियतों से एक बार जरूर मिले। 1979 में जब रफी साहब 14 देशों के म्यूजिकल कंसर्ट पर गए, तो उन्हे इस बात अंदाजा नही था कि उनकी मुलाकात उनके चहेते मुहम्मद अली से हो जाएगी। म्यूजिकल कंसर्ट में जब अमेरिका की बारी आई तो रफी साहब शिकागो के एक होटल में अपने पत्नी और बेटे शाहिद रफी के साथ ठहरे थे।
मोहम्मद रफी को जब पता चला कि उनके चहेते बॉक्सर मुहम्मद अली भी इसी शहर में हैं। तो रफी साहब के मन में उनसे मिलने की तीव्र इज्छा हुई। फिर क्या था, रफी साहब ने मुहम्मद अली को संदेशा भिजवाया और इसके बाद दोनों की मुलाकात बडे़ ही गर्म जोशी के साथ हुई। दोनों ने एक दूसरे से करीब 45 मिनट तक बातें की और मीडिया फोटोग्राफरों ने इन दो महान शख्सियतों के मिलने के नजारे को अपने अपने कैमरे में कैद कर लिया। एक में तो दोनों एक दूसरे को पंच मारते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों के लिए ये एक यादगार फोटो बन गया। रफी साहब के बेटे शाहिद ने इस फोटो को आज भी संभाल कर रखा हुआ है।

