Sharmila Tagore को मनाने में Nawab Pataudi को लग गए थे चार साल, पेरिस जाकर फिल्मी अंदाज़ में किया था शादी के लिए प्रपोज

1969 में अराधना रिलीज हुई थी लेकिन इससे पहले शर्मिला टैगोर ने नवाब पटौदी मंसूर अली खान से 27 दिबंसर 1968 को शादी कर ली थी

How Nawab Pataudi Proposed To Sharmila Tagore: हिंदी सिनेमा की खूबसूरत अभिनेत्रियों में शुमार शर्मिला टैगोर ने फिल्म कश्मीर की कली से हिंदी सिनेमा में अपने करियर का आगाज़ किया था। यह फिल्म 1964 में रिलीज हुई थी। शम्मी कपूर के साथ उनकी ये फिल्म जबरदस्त हिट रही थी। इसके बाद तो शर्मिला टैगोर को कई हिंदी फिल्में मिल गई। इनमें 1965 में वक्त,1966 में अनुपमा,1967 में ऐन इवनिंग इन पेरिस,1969 में सत्यकाम और इसी साल उनकी राजेश खन्ना के साथ फिल्म अराधना रिलीज हुई। जिसने दोनों सितारों को शोहरत की बुलंदी पर पहुंचा दिया था। पर मजेदार बात ये है कि फिल्मों के साथ ही साथ शर्मिला की जिंदगी में प्यार ने भी दस्तक दे दी थी।

1969 में अराधना रिलीज हुई थी लेकिन इससे पहले शर्मिला टैगोर ने नवाब पटौदी मंसूर अली खान से 27 दिबंसर 1968 को शादी कर ली थी। शायद इसीलिए 1968 में शर्मिला टैगोर की कोई फिल्म रिलीज नहीं हुई थी। शर्मिला टैगोर ने मंसूर अली खान से प्यार करके शादी किया था। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मंसूर अली खान एक क्रिकेट खिलाड़ी थे और शर्मिला क्रिकेट की फैन्स थी। इसलिए जाहिर सी बात है कि दोनों के बीच में मिलने जुलने का सिलसिला शुरू हो गया था। कहते हैं मंसूर अली खान ने जब पहली बार शर्मिला टैगोर को देखा था। तभी ये तय कर लिया था कि वो अगर किसी से शादी करेंगे, तो वो शर्मिला ही होंगी।

जानकारी के मुताबिक मंसूर अली खान अपने एक दोस्त की मदद से शर्मिला से कभी कभार मिल तो लिया करते थे। पर शर्मिला को प्रपोज करने में नवाब साहब ने चार साल लगा दिए थे। इसका मतलब ये है कि फिल्म कश्मीर की कली की रिलीज के बाद से ही शर्मिला टैगोर और मंसूर अली खान के बीच कुछ कुछ शुरू हो गया था। दोनों ने मजहब की दीवार तोड़ एक दूसरे से शादी करने का फैसला किया। इस बारे में कुछ रिपोर्ट्स ये भी कहती हैं कि मंसूर अली खान ने पहले शर्मिला को इंप्रेस करने के लिए उन्हे फ्रिज भेजा करते थे। इससे वो इंप्रेस नहीं हुई तो चार सालों तक नवाब ने शर्मिला को फूल भेजकर राजी किया।

मंसूर अली खान के प्रपोज करने के किस्से का खुलासा शर्मिला ने हाल ही कपिल शर्मा के शो में किया था। इस बारे में उन्होने दर्शकों को बताया कि हम लोग पेरिस घूमने गए थे। वहां एक बड़े उत्सव के मौके पर पटौदी साहब ने उन्हे फिल्म स्टाइल में ही प्रपोज किया था। शर्मिला ने कहा कि उन्होने कहा कि क्या मुझसे शादी करोगी। फिर शर्मिला ने कहा कि उन्हे कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। फिर मंसूर अली खान ने जोर से शर्मिला को शादी के लिए प्रपोज किया और वो तैयार हो गई। शर्मिला ने शादी के बाद भी फिल्मों में काम करना जारी रखा। शादी के बाद उनकी 1970 में सफर,अमरप्रेम,दाग,मौसम और चुपके चुपके जैसी फिल्में रिलीज हुई थी।

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