Why did Suresh Oberoi Choose Character Roles Instead Of Playing The Hero: हिंदी सिनेमा में पिछले चार दशकों से अपनी एक्टिंग का लोहा मनवा रहे अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने अब तक कई शानदार फिल्में की हैं। 80 के दशक में रिलीज फिल्म मिर्च मसाला के लिए उन्होने बेस्ट सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी जीता था। सुरेश ओबेरॉय ने हाल ही में दिए एक खास इंटरव्यू में अपनी फिल्मी जर्नी को लेकर कई खुलासे किए हैं। इस खुलासे में अभिनेता ने ये भी बताया है कि कैसे उन्होने मेन लीड हीरो वाली फिल्मों के बजाए चरित्र किरदारों की भूमिका वाली फिल्में करना शुरू किया था।
हर अभिनेता का ये ख्वाब होता है कि वो फिल्म में लीड हीरो की भूमिका करें, पर एक्टर सुरेश ओबेरॉय जब फिल्मों में आए, तो हीरो बनने के बजाए वो चरित्र किरदारों की तरफ ज्यादा आकर्षित हो गए। इस दिशा में उन्होने कई फिल्मों में पुलिस वाले और दूसरे वर्दी वाले रोल्स किए। जिसने सिनेमा स्क्रीन पर धमाल कर दिया था। फिर चाहे वो तेजाब फिल्म में पुलिस वाले का रोल हो या फिर काला पत्थर में नेवी ऑफिसर का। इन चरित्र किरदारो को अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने एक अलग पहचान दी। लहरें रेट्रो के लिए वरिष्ठ पत्रकार भारती एस प्रधान से बातचीत में अभिनेता ने इसका खुलासा किया और इसके पीछे का कारण भी बताया।
अभिनेता ने कहा कि उन दिनों हीरो तो सभी बनना चाहते थे लेकिन अगर हीरो की एक फिल्म फ्लॉप हो जाए, तो फिर सालों काम नहीं मिलता था। काम न मिले तो फिर रोजी रोटी कैसे चलती। चरित्र किरदारों में फिल्म के सफल या फ्लॉप होने से कोई फर्क नहीं पड़ता था। इसलिए पैसे की खातिर चरित्र किरदारों को करना मजबूरी बन गया था। जिससे की एक्टर का घर और बीवी बच्चों का खर्चा चलता था। सुरेश ओबेरॉय कहते हैं कि उनके पिता की तरफ से उन्हे कोई पैसा नहीं मिलता था। ऐसे में फिल्म में काम करके ही वो अपना गुजारा करते थे। सुरेश ओबेरॉय ने ये भी कहा कि उन्होने तुम्हारे बिना और ऐतबार जैसी रोमांटिक फिल्में की हैं। ऐतबार का गाना तो लोग अभी भी गुनगुनाते हैं।
एक्टर ने आगे कहा कि यदि फिल्में नहीं होती थी, तो रेडियो या फिर विज्ञापन के जरिए कुछ कमाया करते थे। चरित्र किरदारों को लेकर सुरेश ओबेरॉय ने कहा कि ये किरदार हमेशा जिंदा रहते हैं और विनोद मेहरा ने उनसे एक बार कहा था कि तूुम चरित्र किरदारों को दमदार तरीके से करो, यहां कामयाबी जरूर मिलेगी। हाल ही में अभिनेता की एनिमल फिल्म रिलीज हुई है। जिसमें सुरेश ओबेरॉय ने एक छोटा सा किरदार अभिनेता रणबीर कपूर के दादा जी का निभाया है।

