Vinod Mehra को इस प्रतियोगिता में हराकर Super Star बने थे Rajesh Khanna, फिल्म Aradhana की हीरोइन भी थी विनर

मौसमी चटर्जी के हसबैंड के कहने पर विनोद मेहरा ने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। जिसमें राजेश खन्ना जैसे दूसरे सितारे भी हिस्सा ले रहे थे

Rajesh Khanna Defeated Vinod Mehra: अभिनेता विनोद मेहरा को अक्सर रेखा के साथ शादी और उसके बाद की कंट्रोवर्सी के लिए जाना जाता है, पर 70 और 80 के दशक में अभिनेता विनोद मेहरा ने अपनी अदाकारी के दम पर सिनेमा परदे पर अपनी एक अलग छवि बनाई थी। अनुराग, नागिन, स्वर्ग नर्क और खुद्दार जैसी कामयाब फिल्मों के जरिए विनोद मेहरा दर्शकों के दिलों में बस गए थे, पर बहुत ही कम लोगों को मालुम है कि विनोद मेहरा का फिल्मों में आने का कोई प्लान नहीं था। विनोद मेहरा एक कंपनी में मार्केटिंग एक्सीक्यूटिव के तौर पर काम कर रहे थे।

एक दिन एक रेस्त्रां में फिल्म निर्माता निर्देशक रूप के. शौरी ने विनोद मेहरा को देखा, तो अपनी फिल्म एक थी रीता में काम करने का ऑफर दिया और इसी फिल्म से 1971 में विनोद मेहरा ने बतौर हीरो अपने फिल्म सफर का आगाज़ किया, हालाकि बचपन में विनोद मेहरा बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट 1958 की रागिनी में काम कर चुके थे। इसके बाद वो हीरो बनने के लिए एक प्रतियोगिता का हिस्सा भी बने। ये बात 1965 की है, जब फिल्मफेयर और यूनाइटेड प्रोड्यूसर्स ने एक टैलेंट हंट प्रतियोगिता का आयोजन किया। तो मौसमी चटर्जी के हसबैंड के कहने पर विनोद मेहरा ने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। जिसमें राजेश खन्ना जैसे दूसरे सितारे भी हिस्सा ले रहे थे।

पूरे देश से करीब दस हजार लोगों ने इसमें हिस्सा लिया था। फाइनल में विनोद मेहरा को करीब करीब इस प्रतियोगिता का विनर मान लिया गया था, लेकिन आखिरी समय पर विनर के रूप में राजेश खन्ना के नाम की घोषणा कर दी गई और विनोद मेहरा को उपविजेता घोषित किया गया। जरा सोचिए अगर विनोद मेहरा ये प्रतियोगित जीत जाते तो शायद हिंदी सिनेमा का पहला सुपरस्टार कोई और होता, पर बाजी राजेश खन्ना ने मारी और वो बन गए पहले सुपरस्टार। इस प्रतियोगिता में उपविजेता होने का कोई फायदा विनोद मेहरा को नहीं मिला।

विनोद मेहरा एक कंपनी में मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव के रूप में काम करने लगे, पर एक रेस्त्रां में जब फिल्म निर्माता निर्देशक रूप के शौरी विनोद मेहरा को देखा तो उन्हे एक थी रीता फिल्म के लिए साइन कर लिया था। उससे पहले राजेश खन्ना शक्ति सामंत की आराधना से स्टार बन चुके थे। अराधना में शर्मिला टैगोर के अलावा एक दूसरी एक्ट्रेस भी थी। जिसका नाम फरीदा जलाल है। फरीदा जलाल ने महिला कटेगरी में इस प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया था और वो अराधना में राजेश खन्ना की हीरोइन बनी थी। इसके बाद 1972 में फिल्म अनुराग की कामयाबी ने विनोद मेहरा और मौसमी चटर्जी दोनों को भी शोहरत की बुलंदी पर पहुंचा दिया था।

ये भी पढ़े: Riteish Deshmukh का पहली ही फिल्म से Genelia D’Souza पर आ गया था दिल, लेकिन फिर दोनों ने एक दशक बाद क्यों की शादी?

Latest Posts

spot_img

you may like