आसान नहीं था ‘पंचायत’ के ‘बनराकस’ का एक्टर बनना, झेलें रिजेक्शन, ऑफर होते थे गंदे रोल, अभिनेता का खुलासा

पंचायत बहुत ही पापुलर वेब सीरीज है और लोगों ने इसके दो सीजन को बहुत पसंद किया। इसके बाद इसका तीसरा सीजन लाया गया जिसकी कहानी भी लोगों को खूब पसंद आई।

फिल्मी दुनिया एक ऐसी दुनिया है जहां पर हर कोई हीरो बनने का सपना लिए इंडस्ट्री में कदम रखता है लेकिन हर कोई हीरो बन जाए ऐसा मुमकिन नहीं है। कई कलाकार ऐसे हैं जो छोटे-छोटे और अच्छे किरदारों के लिए भी बहुत मेहनत करते हैं लेकिन फिर भी उन्हें उनके मन मुताबिक काम नहीं मिल पाता। तो कई सितारे ऐसे हैं जो बिना मेहनत किए ही इंडस्ट्री में राज करने लगते हैं। आज हम बात करेंगे ओटीटी दुनिया की मोस्ट पापुलर वेब सीरीज ‘पंचायत’ के बारे में जिसमें हर एक किरदार ने अपनी शानदार एक्टिंग से लोगों का दिल जीता। वही बनराकस के किरदार में नजर आने वाले अभिनेता दुर्गेश कुमार ने अपनी जिंदगी में आए हुए संघर्ष का खुलासा किया। तो चलिए जानते हैं अभिनेता ने क्या कहा?

छलका एक्टर का दर्द
दरअसल, पंचायत बहुत ही पापुलर वेब सीरीज है और लोगों ने इसके दो सीजन को बहुत पसंद किया। इसके बाद इसका तीसरा सीजन लाया गया जिसकी कहानी भी लोगों को खूब पसंद आई। इसी सीरीज में अभिनेता दुर्गेश कुमार ने बनराकस का रोल निभाया है और यह रोल भी काफी पॉपुलर हुआ। बता दे इन दिनों दुर्गेश कुमार को अच्छी खासी लाइमलाइट मिल रही है और कहीं जगह उनके इंटरव्यू भी हुए।

इसी बीच उन्होंने एक इंटरव्यू में अपनी जिंदगी में आए हुए संघर्ष का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कैसे एक समय पर उन्हें काम ही नहीं मिलता था जिसकी वजह से वह डिप्रेशन का शिकार हो गए थे। कई बार उन्होंने रिजेक्शन झेले और रोल मिलते थे तो ऐसे रोल मिलते थे जिन्हें करने में भी उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती थी।

क्या बोले बनराकस?
हाल ही में हुए इंटरव्यू के दौरान दुर्गेश कुमार ने बताया कि, “अगर आपको एक्टर बनना है तो आपको साइकोलॉजिकल, फिजिकली, मेंटली, इमोशनली और इकोनॉमिकली तैयार रहना चाहिए। मैं 11 सालों में दो बार डिप्रेशन में रहा। अगर आप हर तरह से फिट नहीं है तो एक्टिंग के क्षेत्र में सर्वाइव करना मुश्किल हो जाता है। मैं इसके बारे में ईमानदारी से बात करता हूं। जब मैं 28 मई 2016 को मध्य प्रदेश ड्रामा स्कूल से वर्सोवा आया तब हमने इंडस्ट्री में जाने का फैसला लिया। हम सभी का स्ट्रगल पीरियड चल रहा था और उस दौरान हमें ऐसे-ऐसे रोल मिलते थे कि बहुत शर्मिंदगी हुआ करती थी।”

एक्टर ने आगे बताया कि, “मुझे उस दौरान गलत काम के लिए बोला जाता था लेकिन मैं एक्टिंग सही तरीके से करना चाहता था भले उसमें कम काम मिले लेकिन पैसों के लिए मैं कुछ भी काम नहीं कर सकता था।” खैर अभिनेता अब इंडस्ट्री का एक बड़ा नाम बन चुके हैं और पंचायत के माध्यम से उन्हें घर-घर में सफलता हासिल हुई। उम्मीद है कि दुर्गेश कुमार को आगे भी कुछ इसी तरह अच्छे रोल मिलते रहे।

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