अपने बेटे के शव के लिए जगजीत सिंह ने दी थी रिश्वत.. Mahesh Bhatt का खुलासा

जगजीत सिंह के बेटे विवेक जब 20 साल के थे उनकी मौत हो गई थी। इस दौरान जगजीत सिंह और उनकी पत्नी चित्रा को बहुत बड़ा झटका लगा और दोनों ने ही गाना बंद कर दिया था।

महेश भट्ट हिंदी सिनेमा के जाने-माने डायरेक्टर है जिन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों का निर्माण किया है। इनमें से एक साल 1984 में आई फिल्म ‘सारांश’ भी उन्हीं की फिल्म है जो उनके करियर की सबसे बेहतरीन फिल्मों में से एक है। इस फिल्म में अभिनेता अनुपम खेर और रोहिणी मुख्य किरदार में नजर आए थे और दोनों को ही इस फिल्म के माध्यम से बड़ी सफलता हाथ लगी। फिल्म की कहानी कुछ इस प्रकार थी कि बूढ़े हो चुके मां-बाप अपने बेटे को खो देते हैं। इसके बाद उन्हें अपनी जिंदगी में कई दुख झेलने पड़ते हैं। कुछ इस तरह की घटना गजल सम्राट जगजीत सिंह के साथ भी घटी थी। इसी बीच जगजीत सिंह को लेकर महेश भट्ट ने खुलासा किया है कि जगजीत सिंह को अपने ही बेटे का शव के लिए रिश्वत देनी पड़ी थी।

जगजीत सिंह के बेटे की हुई थी दर्दनाक मौत
दरअसल, जगजीत सिंह के बेटे विवेक जब 20 साल के थे उनकी मौत हो गई थी। जी हाँ.. साल 1990 में उनका कार एक्सीडेंट हो गया था। इस दौरान जगजीत सिंह और उनकी पत्नी चित्रा को बहुत बड़ा झटका लगा और दोनों ने ही गाना बंद कर दिया था। हालांकि जगजीत सिंह तो कमबैक कर चुके थे, लेकिन उनकी पत्नी चित्रा ने दोबारा गाना नहीं गया। फिल्म ‘सारांश’ की कहानी भी कुछ इसी प्रकार है जो जगजीत सिंह के दुखों की याद दिलाती है। अब इसी बीच फिल्म के 40 साल पूरे होने पर महेश भट्ट ने जगजीत सिंह जुड़ा एक किस्सा साझा किया।

महेश भट्ट ने कहा कि, “जब जगजीत सिंह के बेटे की दुखद दुर्घटना में मृत्यु हुई, तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें अपने बेटे का शव पाने के लिए जूनियर ऑफिसर्स को रिश्वत देनी पड़ी।” इसके बाद उन्हें ‘सारांक्ष’ का महत्व समझ आया। उन्होंने आगे कहा कि, ”एक आम आदमी अपने खुद के बेटे के शव के लिए ऐसे संघर्ष करता है।” बता दें, जगजीत सिंह भी इस दुनिया को अलविदा कह गए हैं। ब्रेन हेमरेज की वजह से उनकी मौत हो गई।

28 की उम्र में 60 साल के बूढ़े बने थे अनुपम
वहीं बात करें अनुपम खेर की तो उन्होंने फिल्म ‘सारांश’ में महज 28 साल की उम्र में 60 साल के बूढ़े व्यक्ति का किरदार निभाया था जो उन दिनों बहुत पॉपुलर हुआ था। इतना ही नहीं बल्कि इस फिल्म के माध्यम से अनुपम खेर के करियर में चार चांद लग गए थे। इसके बाद महेश भट्ट और अनुपम ने एक साथ ‘दिल है की मानता नहीं’ और ‘डैडी’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। अनुपम अभी भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए है और एक से बढ़कर एक प्रोजेक्ट उनके पास है।

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