Kunal Kamra Refuses To Apologize Over Gaddar Row: मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने गद्दार विवाद पर एक स्टेटमेंट जारी कर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। कुणाल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर अपना पक्ष रखा है। कामरा ने लिखा है कि वह उनके खिलाफ निशाना साधने वाले भीड़ के सामने झुकेंगे नहीं। कॉमेडियन ने आगे लिखा है कि हमारा बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार केवल शक्तिशाली और अमीरों की प्रशंसा करने के लिए नहीं है, हालांकि आज के मीडिया ने हमें और कुछ मानने के लिए बाध्य कर रखा है।
कुणाल कामरा ने स्टूडियो में भीड़तंत्र की तोड़फोड़ के बारे में अपने सोशल मीडिया हैंडल पर आगे लिखा है कि एक मनोरंजन स्थल केवल एक प्लेटफॉर्म है। सभी प्रकार के शो के लिए एक जगह। हैबिटेट मेरी कॉमेडी के लिए जिम्मेदार नहीं है और न ही यह मेरे कहने या करने पर कोई शक्ति या नियंत्रण रखता है। न ही कोई राजनीतिक दल। एक कॉमेडियन के शब्दों के लिए एक स्थान पर हमला करना उतना ही निरर्थक है जितना कि उस लॉरी को पलट देना, जो टमाटर ले जा रही थी क्योंकि आपको जो मक्खन चिकन परोसा गया वह पसंद नहीं आया।
कॉमेडियन ने अपने खिलाफ निशाना साध रहे ट्रोलर्स को भी एक कड़ा संदेश भेजा है और कहा है कि उन लोगों के लिए, जो मेरे नंबर को लीक करने या मुझे लगातार कॉल करने में व्यस्त हैं, मुझे यकीन है कि आपने इस समय तक समझ लिया होगा कि सभी अनजान कॉल मेरे वॉइसमेल पर जाती हैं, जहां आपको वही गाना सुनने को मिलेगा जो आपको नापसंद है। कुणाल कामरा के इस पोस्ट पर कई कमेंट्स भी आए हैं। जिसमें से एक कमेंट यूट्यूबर ध्रूव राठी का भी है। ध्रुव राठी ने लिखा है कि ये है असली 56 इंच का साहस। एक दूसरे यूजर ने लिखा है कि ये है शक्तिशाली इंडियन।
आपको बता दें कि अपने नवीनतम स्टैंडअप वीडियो नया भारत एक्ट के दौरान कामरा ने एक पैरोडी गीत पेश किया था, जिसमें महाराष्ट्र के मौजूदा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा 2022 में शिवसेना छोड़ने का उल्लेख किया गया था, जिसमें ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग किया गया। जबकि शिंदे गुट के शिवसेना नेताओं ने दावा किया है कि कामरा शिंदे के खिलाफ ‘एक मुहिम’ चला रहे थे, जिसके लिए उन्हे पेड किया गया था। शिंदे की पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुंबई के खार स्थित हैबिटेट सेंटर में कल तोड़फोड़ की था, जहां यह कार्यक्रम हुआ था। हालाकि उनके खिलाफ एक FIR भी दर्ज की गई है। बाद में सोमवार को मुंबई बीएमसी द्वारा हैबिटेट सेंटर के कुछ हिस्सों को गिरा भी दिया गया। अब देखना ये है कि ये विवाद कहाँ तक जाता है।

