Anuradha Paudwal ने करियर के पीक पर इसलिए छोड़ दिया था फिल्मों में गाना, फिर भक्ति गीतों के जरिए पाई शोहरत

मशहूर गायिका अनुराधा पौडवाल ने करियर की बुलंदी पर अचानक भक्ति गीतों को गाने का फैसला किया था। जानते हैं आखिर गायिका को ये फैसला क्यों लेना पड़ना था

Know Why Anuradha Paudwal Started Singing Bhajan: 70 के दशक से अपनी गायिकी की शुरूआत करने वाली अनुराधा पौडवाल को 80 और 90 के दशक की मिलोडी क्वीन के रूप में जाना जाता है। अनुराधा पौडवाल को पहली बड़ी कामयाबी फिल्म हीरो की ब्लॉकबस्टर सफलता से मिली थी। सुभाष घई निर्देशित इस फिल्म ने जैकी श्रॉफ और मीनाक्षी शेषाद्रि की किस्मत का सितारा रातो रात चमक गया था और इस फिल्म में गाए अनुराधा पौडवाल के गीतों ने पहली बार अनुराधा को बड़ी कामयाबी दिलाई थी लेकिन बावजूद इसके फिल्म की कामयाबी का श्रेय गायिका को नहीं मिला था। हीरो की कामयाबी के बाद अनुराधा की आवाज़ धीरे धीरे लोगों के दिलों में बसती गई।

फिल्म उत्सव,सड़क,दिल है मानता नहीं,बेटा,आई मिलन की रात,आशिकी,तेजाब,राम लखन,दिल और साजन जैसी कई कामयाब फिल्मों में कई खूबसूरत नगमों को अपनी आवाज़ से सजाने वाली अनुराधा पौडवाल को स्वर कोकिला लता मंगेशकर का पर्याय माना जाने लगा था। कहते हैं अनुराधा पौडवाल की आवाज़ को जब संगीतकार ओपी नैय्यर ने पहली बार सुना था, तभी उन्होने ये ऐलान कर दिया था कि उन्हे लता जी का रिप्लेसमेंट मिल गया है। इसके अलावा दूसरे संगीतकारों ने भी फिर अनुराधा पौडवाल से अपनी फिल्मों में गवाना शुरू कर दिया था। अनुराधा पौडवाल के करियर को चार चांद लगाने में टी-सीरीज के मालिक गुलशन कुमार का भी अहम योगदान रहा है।

जानकारी के मुताबिक गुलशन कुमार खुद कहते थे कि वो अनुराधा को दूसरी लता मंगेशकर बनाएंगे। ये अनुराधा पौडवाल की आवाज़ का ही जादू था कि उन्हे एक बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और 4 बार फिल्मफेयर पुरस्कार सर्वश्रेष्ठ गायिकी के लिए मिला था। पर करियर के पीक पर पहुंचकर अनुराधा ने अचानक फिल्मी गानों को गाना बंद कर दिया और भक्ति गीतों के लिए अपने आपको समर्पित कर दिया। अनुराधा का ये फैसला हैरान करने वाला था। हाल ही में लहरें रेट्रो से बातचीत करते हुए अनुराधा पौडवाल ने इस बारे में कहा कि इसकी मुख्य वजह कई हैं। उनमें से पहली ये थी कि जब वो एक मशहूर सिंगर के साथ गाना रिकॉर्ड करके निकल रही थी, तो कुछ लोगों ने फब्तियां कसना शुरू कर दिया। जो उन्हे बहुत बुरा लगा था। फिर उन्होने अपने मन में निश्चय किया कि हे प्रभु जब आप मुझे नंबर वन बना देंगे तो मैं फिल्मों में गाना बंद कर दूंगी।

अनुराधा आगे कहती हैं कि कुछ सालों बाद, जब वो दक्षिणेश्वर काली मंदिर दर्शन करने गई थी। तब वहां उनसे भजन गाने का अनुरोध किया गया लेकिन अनुराधा मां काली के मंदिर में कोई भजन नहीं गा पाई, क्योंकि इतने सारे गानों के बावजूद उन्हे कोई भजन याद नहीं था। फिर उन्होने मां काली से कहा कि हे मां आप मुझे ऐसा कुछ बना दो कि मुझे भारत के हर कोने में मौजूद मंदिरों से जोड़ दे और सबके लिए मैं गाऊ। फिर धीरे धीरे वो भजन गायिकी की ओर मुड गई और फिल्मों में गाना छोड़ दिया। इस बारे में ये भी कहा जाता है कि किसी ज्योतिषी ने बहुत पहले ही ये भविष्वाणी की थी कि अनुराधा पौडवाल को लोग फिल्मी गानों नहीं बल्कि भजन गायिकी के लिए याद करेंगे और वो इस क्षेत्र में नाम कमाएगी। बाद में ज्योतिषी की बात सच भी निकली। गायिका का ये पूरा इंटरव्यू आप लहरें रेट्रो पर देख सकते हैं

ये भी पढ़े: बॉलीवुड छोड़ते ही ऐसी हो गई थीं Imran Khan की हालत, बेचना पड़ा बंगला और करोड़ों की फरारी

Latest Posts

spot_img

you may like