Dilip Kumar की आखिरी फिल्म Qila के ऑडियो रिलीज पर निर्देशक Umesh Mehra की ये बातें आपके दिल को छू लेंगी

दिलीप कुमार और रेखा की मुख्य भूमिका से सजी ये फिल्म साल 1998 में रिलीज हुई थी। हालाकि बॉक्स ऑफिस पर दिलीप कुमार की ये आखिरी फिल्म कुछ ज्यादा धमाल नहीं कर पाई थी

Dilip Kumar Last Movie Qila Audio Release: हिंदी सिनेमा में अभिनेता दिलीप कुमार को हमेशा एक खास नजरिए से देखा जाता है। वो अकेले ऐसे अभिनेता थे जिन्हे मेथेड एक्टर या फिर यूं कहे कि नेचुरल एक्टर होने का खिताब हासिल था। दिलीप कुमार ने अपने फिल्मी करियर की शूरुआत बॉम्बे टॉकीज़ की फिल्मों से की और करीब 5 दशकों तक अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीता। आज वो भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी मौजूदगी का एहसास हमेशा उनकी फिल्में हमे दिलाती रहेगी। आज हम आपको दिलीप कुमार की आखिरी फिल्म क़िला के ऑडियो रिलीज से जुड़ी कुछ बातें आपको बताऊंगा और इस बात की जानकारी भी दूंगा कि ऑडियो रिलीज के मौके पर किला के निर्देशक उमेश मेहरा और संगीतकार आनंद राज आनंद का क्या कुछ कहना था।

दिलीप कुमार और रेखा की मुख्य भूमिका से सजी ये फिल्म साल 1998 में रिलीज हुई थी। हालाकि बॉक्स ऑफिस पर दिलीप कुमार की ये आखिरी फिल्म कुछ ज्यादा धमाल नहीं कर पाई थी, लेकिन लोगों ने इस मिस्ट्री ड्रामा थ्रिलर फिल्म में दिलीप कुमार को डबल रोल करते हुए देखा था। दिलीप साहब की एक भूमिका निगेटिव थी तो दूसरी भूमिका में वो जज बने हुए थे। इस फिल्म के ऑडियो रिलीज के मौके पर दिलीप कुमार खुद वाइफ सायरा बानों के साथ मौजूद थे। इस फिल्म के संगीत पर बात करते हुए निर्देशक उमेश मेहरा ने कहा कि गीत देव कोहली ने लिखे हैं जबकि संगीत आनंद राज आनंद ने दिया है।

फिल्म किला में आनंद राज आनंद को लेने के पीछे उमेश मेहरा का तर्क था कि पहले गानों को कंपोज करके देखा गया, इसके बाद ही उन्हे इस फिल्म में मौका दिया गया। आनंद राज आनंद ने लहरें से बातचीत करते हुए कहा कि इस फिल्म में संगीत देना काफी चैलेंजिंग था। क्योकि इसमें दिलीप कुमार और रेखा पर गाना था और एक गाना मुकुल देव के साथ भी था। पुराने और इस नये दिलीप साहब के उम्र को देखकर संगीत तैयार करना था। तो उसी हिसाब से सबकुछ अरेंज किया गया था। मुकुल देव ने लहरें से बातचीत में कहा फिल्म किला का संगीत काफी अच्छा है ऐसे में कौन सा गाना सबसे अच्छा है ये सेलेक्ट करना काफी मुश्किल है।

आखिर में इस फिल्म को लेकर निर्देशक उमेश मेहरा ने कहा कि दिलीप कुमार के साथ काम करने का उनका सपना था और हर किसी का सपना होता है कि बड़े कलाकार के साथ काम करे और अब मेरा ये सपना पूरा हो गया है। एक परिवार के ऊपर ये फिल्म बनाई गई है। जो काफी उम्दा है। आपको बता दें कि ये फिल्म 1998 में सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी, पर बदकिस्मती से कामयाब नहीं हो पाई।

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