Rani Mukerji Shares Her First Hindi Film Experience: अभिनेत्री रानी मुखर्जी हिंदी सिनेमा की मोस्ट वर्सेटाइल एक्ट्रेस हैं। अभी पिछले ही साल रानी की मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे नाम की एक लीक से हटकर फिल्म रिलीज हुई थी। जिसे लोगों ने खूब पसंद किया था। इस फिल्म में रानी मुखर्जी के बेमिसाल अभिनय को दर्शकों और क्रिटिक्स ने काफी सराहा भी था। वैसे अगर बात रानी मुखर्जी के शुरूआती करियर की बात करें, तो ये हम सभी जानते हैं कि उन्होने अपने हिंदी सिनेमा करियर की शुरूआत अशोक गायकवाड द्वारा निर्देशित फिल्म राजा की आएगी बारात से किया था। जिसका टाइटल पहले सबसे बड़ी अदालत रखा गया था। ये फिल्म 1996 में रिलीज हुई थी। सोशल ड्रामा पर बेस ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर तो बहुत बड़ी हिट तो नहीं साबित हुई थी, पर समीक्षकों व दर्शकों ने रानी के इस फिल्म में किए अभियन को सराहा और फिल्म को पसंद किया था।
Rani Mukerji जब राजा की आएगी बारात फिल्म की शूटिंग कर रही थी। तब लहरें की टीम ने रानी मुखर्जी और फिल्म के हीरो शादाब खान से बातचीत की थी। दोनों की ही ये पहली फिल्म थी। रानी मुखर्जी जहां प्रोड्यूसर राम मुखर्जी की बेटी थी, वहीं शादाब खान मशहूर विलेन अमजद खान के बेटे, दोनों न्यूकमर और स्टार किड होने की वजह से प्रोड्यूसर और डायरेक्टर पर फिल्म को लेकर सबसे ज्यादा जिम्मेदारी थी। दोनों के लिए ये फिल्म काफी अहम साबित हुई थी। लहरें से बातचीत करते हुए उस समय रानी मुखर्जी ने अपने फिल्मी डेब्यू को लेकर विस्तार से बातें की थी। पहले रानी ने कहा कि जब वो स्कूल में पढ़ रही थी। तभी प्रोड्यूसर सलीम अख्तर ने उनसे कहा था कि वो उनकी भविष्य की हीरोइन हैं। रानी ने आगे कहा कि वो 12वीं कर चुकी थी और ग्रेज्युएशन के लिए कॉलेज में नाम लिखाया था लेकिन तभी सलीम अंकल उनके पास इस फिल्म का ऑफर लेकर आ गए।
एक्ट्रेस ने इस बारे में आगे बताया कि शुरू में तो वो तैयार नहीं हुई, लेकिन फिल्म की कहानी और किरदार को सुनने के बाद उन्होने फिल्म के लिए हां कह दिया और उन्हे लगता है कि फिल्म की रिलीज के बाद लड़कियां उनके इस किरदार को काफी पसंद करेंगी और अपना आदर्श मानेंगी। मेरा किरदार एक ऐसी लड़की की कहानी बयां करता है। जो अपनी शादी, करियर और घर के बारे में काफी सपने देखती है, लेकिन कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जिससे उसके सपने चकनाचूर हो जाते हैं और इसमें फिल्म के हीरो शादाब खान की भूमिका सबसे अहम होती है। जो फिल्म में निगेटिव हीरो का रोल कर रहे होते हैं। फिल्म में शादाब खान और रानी मुखर्जी के अलावा गुलशन ग्रोवर,सईद जाफरी,फिरोज,दिव्या दत्ता,मोहनीश बहल और रजा मुराद आदि सहायक भूमिका में थे।
रानी ने बाद में एक ऐसी ही फिल्म मेहंदी की थी। वो भी सोशल ड्रामा फिल्म थी। मेहंदी में फराज खान हीरो थे। ये रानी की शुरूआती दौर की फिल्में थी। इसके बाद आमिर खान के साथ फिल्म गुलाम की जबरदस्त कामयाबी और करण जौहर की फिल्म कुछ कुछ होता है की सफलता ने रानी मुखर्जी को स्टार एक्ट्रेस बना दिया था। 90 के दशक के आखिरी दौर व उसके बाद के कुछ सालों तक रानी मुखर्जी बॉलीवुड की सबसे हाईएस्ट पेड एक्ट्रेसेस में से एक थी। साल 2002 में रानी ने यशराज फिल्म के साथ फिल्म साथिया से शुरूआत की और उसके बाद यशराज फिल्म्स की कई सफल फिल्मों का हिस्सा बनी। देखते हैं राजा की आएगी बारात के समय लहरें से बातचीत का ये पूरा वीडियो,सिर्फ लहरें पोडकास्ट पर।
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