When Dev Anand Asked His Duplicate For Work: जिस तरह से बॉलीवुड में तीनों खान्स की तिकड़ी है। ठीक ऐसी ही 50 और 60 के दशक में भी सितारों की तिकड़ी थी। ये सितारे थे दिलीप कुमार, राज कपूर और देव आनंद । उस समय इन तीनों की फिल्मों जहां धमाल मचा रही थी। वहीं निजी जीवन में भी तीनों काफी अच्छे दोस्त भी थे। जब भी मिलते थे, दिल खोलकर मिलते थे। पर यहां हम बात करेंगे हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद की। देव साहब को गुजरे करीब 12 सालों का सफर बीत चुका है, लेकिन ऐसा कभी लगता ही नहीं कि देव साहब हमारे बीच नहीं है। वैसे देव साहब का फिल्म सफर फिल्म ज़िद्दी से शुरू हुआ था और जिंदगी के आखिरी लम्हों तक देव साहब ने सिर्फ फिल्मों के बारे में सोचा था।
देव आनंद साहब से जुडा एक ऐसा किस्सा मैं आपसे शेयर करने जा रहा हूं। जो काफी फनी है, पर किस्सा तो किस्सा होता है। उसे सुनने में काफी मजा भी आता है। दरअसल हमारे इन सितारों के कई हमशक्ल भी हैं। फिल्मों में हमशक्लों को सिर्फ वहीं किरदार प्ले करने का मौका मिलता है, जिनके वो हमशक्ल होते है। एक बार तो एक फिल्म मेकर ने डुप्लीकेट सितारों को लेकर शोले फिल्म भी बना दी थी, जो काफी फनी भी थी। अमिताभ बच्चन,गोविंदा,सलमान खान,ऋतिक रोशन सहित कई सितारों के हमशक्ल हैं। जिन्हे असली सितारों की वजह से पहचान मिली हुई है और उन्ही की बदौलत उन्हे फिल्मों में काम भी मिलता है।
इन्ही हमशक्लों में से एक देव आनंद के हमशक्ल किशोर भानुशाली भी हैं। जो पहले तो राजेश खन्ना के फैन थे, पर जब उन्हे मालुम हुआ कि वो देव साहब जैसे दिखते हैं। तब किशोर आनंद भानुशाली ने देव साहब की एक्टिंग करनी शुरू कर दी। पहले तो कामयाबी नहीं मिली, लेकिन जब दिल, करण अर्जुन और सबसे बड़ा खिलाड़ी जैसी कामयाब फिल्में रिलीज हुई तो किशोर भानुशाली भी सुर्खियों में आ गए। किशोर भानुशाली के मुताबिक एक दिन उन्हे देव आनंद से मिलने का मौका मिला, तो वो बहुत खुश हुए।
किशोर भानुशाली जैसी ही देव साहब से मिलने उनके ऑफिस में पहुंचे, तो देव आनंद पहले से ही ऑफिस में बैठे थे। अपने डुप्लीकेट किशोर भानुशाली को देखते ही देव आनंद अपने ही अंदाज में बोले, क्यों किशोर नाम है ना, मैंने. आपकी फिल्म दिल देखी, लगता है अब मुझे आप की कॉपी करनी पडेगी। अब एक हमशक्ल को इससे बडा कंप्लीमेंट भला कौन दे सकता था। बातों ही बातों में देव साहब ने पूछा कितनी फिल्में कर रहे हो। किशोर ने कहा सर 8-10 फिल्में हैं अभी मेरे पास। फिर देव साहब मजाक में बोले यार मेरे पास तो दो फिल्में ही हैं। मुझे भी कुछ फिल्मों में काम दिलवा दो। वैसे किशोर भानुशाली जब भी देव आनंद को याद करते हैं उनकी आंखें भर आती हैं।
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