Sanjay Dutt को बचाने के लिए Bal Thackeray के सामने रो पड़े थे Sunil Dutt, जानिए क्या था पूरा किस्सा

राजेंद्र कुमार की सलाह हालाकि सुनील दत्त को अच्छी नहीं लगी थी पर बेटे की खातिर वो बाल ठाकरे से मिलने को तैयार हो गए थे। उस वक्त महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। इसलिए राजनीतिक गहमा गहमी कुछ ज्यादे ही थी

Sunil Dutt Cried In Front Of Bal Thackeray For Sanjay Dutt: हिंदी सिनेमा के मुन्नाभाई संजय दत्त ने समय के साथ अपने अभिनय को काफी तराशा और मुन्नाभाई सीरीज जैसी बेहतरीन फिल्में अपने चाहने वालों को दी। संजय दत्त गुजरे जमाने के मशहूर अभिनेता सुनील दत्त और नरगिस के बेटे हैं। ये तो हम सभी जानते हैं। ऐसे में संजू बाबा की परवरिश बड़े ही प्यार दुलार के साथ हुई होगी। पर कभी कभी माता पिता का बेपनाह प्यार बच्चों को गलत रास्ते पर भी धकेल देता है। यही कुछ अभिनेता संजय दत्त के साथ भी हुआ था। कुछ गलत लोगों का साथ उन्हे भारी पड़ गया था और 1993 में हुए बम धमाकों के सिलसिले में 1995 में संजय दत्त को गिरफ्तार कर लिया गया था। बेटे की गिरफ्तारी से पिता व अभिनेता व सांसद सुनील दत्त काफी बिखर गए थे।

बेटे को जेल से बाहर लाने के लिए चल संघर्ष में सुनील दत्त का कोई साथ नहीं दे रहा था। यहां तक कि उनकी केंद्र में सत्तारूढ कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने भी सुनील दत्त से किनारा खींच लिया था। इधर उधर के आस में बेटे संजू को जेल गए महीने हो गए,पर कहीं से कोई आस नहीं दिख रही थी। ऐसे में सुनील दत्त के समधि व अभिनेता राजेंद्र कुमार ने उन्हे शिवसेना सुप्रीमों बाल ठाकरे से मिलने की बात कही और कहा कि वो आपकी मदद जरूर करेंगे। पहले तो सुनील दत्त बहुत नाराज हुए क्योंकि उन्होने हमेशा राजनीतिक धुरी पर बाल ठाकरे का विरोध किया था। उस दौरान शरद पवार के साथ भी सुनील दत्त के अनबन की खबरें भी खूब छप रही थी।

राजेंद्र कुमार की सलाह हालाकि सुनील दत्त को अच्छी नहीं लगी थी पर बेटे की खातिर वो बाल ठाकरे से मिलने को तैयार हो गए थे। उस वक्त महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। इसलिए राजनीतिक गहमा गहमी कुछ ज्यादे ही थी। जैसे ही शिवसेना सुप्रीमों बाल ठाकरे को पता चला कि सुनील दत्त उनसे मिलने आए हैं, तो बाल ठाकरे ने अपनी सारी मीटिंग कैंसल कर सुनील दत्त से मुलाकात की। बाल ठाकरे ने वहां कहा कि आप मुझे पसंद नहीं करते ये मैं जानता हूं लेकिन बतौर एक्टर आप मेरे पसंदीदा अभिनेता हो। इसलिए मैं आपसे मिल रहा हूं। इसके बाद बेटे संजय दत्त की रिहाई के बारे में बातें हुई। कहते हैं इस दौरान सुनील दत्त एक पिता की हैसियत से वहां रोने लगे और बेटे को बचाने की गुहार लगाई।

बाल ठाकरे ने फिर सुनील दत्त को आश्वासन दिया कि उनका बेटा जेल से जरूर बाहर आएगा। समय ने करवट ली। महाराष्ट्र में शिवसेना बीजेपी की सरकार बनी और सामना के जरिए संजय दत्त के बारे में पॉजिटिव बातें लिखी गई। फिर वो वक्त भी आ गया। जब संजय दत्त को सशर्त जमानत मिल गई। महीनों बाद जेल से रिहाई के बाद संजय दत्त सीधे पिता सुनील दत्त के साथ बाल ठाकरे के घर मातोश्री गए और उनसे मुलाकात की। मुलाकात की ये तस्वीरें उस वक्त मीडिया में एक नये समीकरण को जन्म दे रही थी। उस दिन संजू बाबा को सिर्फ आधी रिहाई मिली थी क्योकि केस तो लंबा चला था। आखिरकार वो दिन भी आया कि कोर्ट ने संजू पर लगे आतंकवाद के मामले को खारिज कर दिया। पर कुछ मामले में सजा मिली जिसे पूरा कर अब संजय दत्त पूरी तरह से आजाद हैं। पर संघर्ष के इन सालों में संजू बाबा ने पिता को खो दिया। बेटे की आजादी को देखने के लिए काश दत्त साहब आज होते?

ये भी पढ़े: Jaya Bachchan से पहली मुलाकात के लिए काफी डर गए थे Arshad Warsi, सोच रहे थे कि दो चार गालियां देकर फिल्म से निकाल…

Latest Posts

spot_img

you may like