Muhurat & On Location Shoot Of Pyar To Hota Hai Pyar: हिंदी सिनेमा में कभी कभी फिल्म की शूटिंग किसी और नाम से होती है और फिर किसी समस्या या दूसरी वजहों से फिल्म का टाइटल चेंज कर रिलीज किया जाता है। कभी कभी टाइटल बदलना फायदेमंद साबित होता है लेकिन अक्सर ये आइडिया काम नहीं करता है और फिल्म सक्सेज नहीं हो पाती है। देखा जाए तो उन्ही फिल्मों का टाइटल चेंज किया जाता है। जो शूट के बाद डिब्बा बंद हो जाती या फिर किसी वजह से ज्यादा डिले हो जाती है। ऐसे में समय को देखते हुए शीर्षक बदलकर फिल्म रिलीज कर दी जाती है। ऐसा ही कुछ निर्देशक मोहन बग्गड़ की फिल्म प्यार तो होता है प्यार के साथ भी हुआ था।
जानकारी के मुताबिक प्यार तो होता है प्यार का ग्रैंड मुहुरत 2001 में किया गया था। लहरें की अर्काइव में मौजूद वीडियो के मुताबिक इस मुहुरत को ग्रैंड बनाया गया था और उसी दिन मुहुरत शॉट की शूटिंग भी की गई थी। सीन कुछ ऐसा था कि हीरो अब्बास अली को हीरोइन आशिमा भल्ला से रोमांटिक बातें करते हुए उसे गले लगाना होता है और अब्बास कुछ ऐसा ही करते दिखाई देते हैं। पहले अब्बास और आशिमा भल्ला रिहर्सल करते हैं और फिर दोनों परफेक्ट शॉट देते हुए सीन ओके कर देते हैं। फिर तालियों की गूंज और फूलों की बरसात के बीच मुहुरत समन्न हो जाता है।
लहरें से बातचीत करते हुए अब्बास अली ने तब बताया था कि यह बहुत ही सिंपल लव स्टोरी है। जिसमें सब कुछ है। वो इस फिल्म की शूटिंग के पहले शूट को लेकर एक्साइटेड हैं और वो फिल्म नेवी कैडेट का किरदार निभा रहे हैं। उम्मीद है कि दर्शक उन्हे इस किरदार में जरूर पसंद करेंगे। वहीं आशिमा भल्ला ने कहा था कि वो अब्बास के साथ पहली बार काम कर रही हैं। उन्होने अब्बास की फिल्म मुस्तफा मुस्तफा व दूसरे वीडियोज देखे हैं। वो बहुत ही टैलेंटेड अभिनेता हैं।
फिल्म प्यार तो होता है प्यार की शूटिंग के बाद जब रिलीज की बारी आती है। तब किसी वजह से फिल्म का नाम बदल दिया जाता है। फिल्म को फिर 2003 में जिंदा दिल के नाम से रिलीज किया जाता है। हालाकि जिंदा दिल का बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन कुछ खास नहीं होता है। तो चलिए एक बार फिर से इस फिल्म की यादों को ताजा करते हुए आपको ले चलते हैं प्यार तो होता है प्यार उर्फ जिंदा दिल के मुहुरत पर। फिल्म में लीड स्टार कास्ट के अलावा ओम पुरी व शरद कपूर सहायक रोल में थे।

