Javed Akhtar Raised Slogans Of Jai Siya Ram: बॉलीवुड के दिग्गज राइटर जावेद अख्तर जोकि अपने बेवाक बयानों को खुलकर व्यक्त करने के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने हाल ही में एक समारोह में खुलकर ‘जय सिया राम’ के नारे लगाए और भगवान राम-सीता को इस देश की विरासत बताया है। इसके अलावा जावेद ने यह भी कहा कि इस देश के मुसलमानों ने हिंदुओं से ही रहने का तरीका सीखा है।
जावेद अख्तर ने हाल ही में मुंबई में राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) द्वारा दीपोत्सव कार्यक्रम के आयोजन में हिस्सा लिया, जहां पर उन्होंने हिंदू संस्कृति पर अपने विचार रखे। जावेद ने हिंदुओं को सहिष्णु बताते हुए कहा कि, ‘’हिंदू उदार और विशाल हृदय वाले होते हैं। कुछ लोग हैं जो हमेशा असहिष्णु रहे हैं। हिंदू ऐसे नहीं हैं। उनके पास यह महान गुण है – उदार और बड़े दिल वाले। इसे मत खोएं, अन्यथा आप दूसरों की तरह बन जाएंगे।’’ जावेद अख्तर ने यह भी माना कि इस देश के मुसलमानों ने हिंदुओं से ही रहने का तरीका सीखा है और क्या हिंदु अपने इस तरीके को छोड़ेंगे, अगर आप यह छोड़ देंगे तो आप भी और कुछ बन जायेंगे।
इसी कार्यक्रम के दौरान जावेद ने जया सिया राम के नारे भी लगाए और भगवान राम और मां सीता पर अपने विचार भी रखे हैं। जावेद ने कहा कि, ‘’मुझे भगवान राम और देवी सीता की भूमि पर जन्म लेने पर गर्व है। मैं एक नास्तिक होते हुए भी राम और सीता को इस देश की विरासत मानता हूं। रामायण हमारी सांस्कृतिक विरासत है।’’ हालांकि, जावेद ने यह भी माना की आजकल थोड़ा एग्रेसिव माहौल भी हैं। जावेद ने अपनी फिल्म शोले का वो मंदिर वाले सीन जिसमें धर्मेन्द्र भगवान की आवाज में हेमा मालिनी को बेवकूफ बनाते, उसका उदाहरण देते हुए कहा कि, अगर आज के दौर में वो सीन फिल्म में होता, तो लोग भड़क जाते।
जावेद ने अंत हिंदू सभ्यता की सराहना करते हुए कहा कि, ‘’यही हिंदू संस्कृति है, यही सभ्यता है। इसने हमें लोकतांत्रिक दृष्टिकोण सिखाया है। इसीलिए इस देश में लोकतंत्र है। यह सोचना कि हम सही हैं और बाकी सभी गलत हैं, यह हिंदुओं का काम नहीं है।’’
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