How Shammi Kapoor Made His Own Way To Stardom: अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के बाद उनके बेटों ने हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई थी। लेकिन मजे की बात ये है कि अपने किसी भी बेटे की पैरवी कभी भी पृथ्वीराज कपूर ने किसी भी डायरेक्टर प्रोड्यूसर से नहीं की थी। फिर चाहे वो राज कपूर हो, शम्मी हो या फिर शशि कपूर। इन सभी ने अपनी प्रतिभा के दम पर लोगों के दिलों में जगह बनाई थी और अभी भी लोग इन सभी सितारों की फिल्मों को उतनी ही शिद्दत के साथ देखते हैं जैसा कि उनके जमाने में था। पृथ्वीराज कपूर के तीनों बेटों की शुरूआती दौर की फिल्में फ्लॉप रही थी। राज कपूर से लेकर शशि कपूर तक, सभी की पहली फिल्म असफल साबित हुई थी, लेकिन इसके बाद कड़ी लगन के दम पर एक हिंदी सिनेमा का पहला शो मैन बन गया, तो दूसरा याहू स्टार, तीसरे को खुद राज कपूर टैक्सी कहकर बुलाते थे।
यहां बात अगर शम्मी कपूर की करें, तो उन्होने लहरें से एक बार बातचीत करते हुए अपने फिल्मी करियर के कई अनसुने किस्सों को सुनाया था। शुरूआती दौर पर बात करते हुए शम्मी कपूर ने कहा था कि वो रूइया कॉलेज से ग्रेजुएट कर रहे थे लेकिन उनका मन पढाई में लग नहीं रहा था। बाद में पिता को बता कर पृथ्वी थिएटर में 50 रूपये महीने की नौकरी कर ली और इस तरह वो आर्ट और अभिनय की दुनिया से जुड़े। तीन से चार साल काम करने के बाद उन्हे उनकी पहली फिल्म मिली, लेकिन वो चल नहीं पाई। शम्मी कपूर बताते हैं कि उनकी शुरूआती एक दो नहीं बल्कि 40 से 50 फिल्में फ्लॉप हुई थी। इसी दौरान रानीखेत में रंगीन रातें फिल्म की शूटिंग के दौरान उनकी मुलाकात उस जमाने की मशहूर एक्ट्रेस गीता बाली से हुई और प्यार हो गया। फिर 1955 में अपने परिवार को बिना बताए शम्मी कपूर ने गीता बाली से शादी कर ली थी।
गीता बाली से शादी करने शम्मी कपूर के लिए लकी साबित हुआ और फिर 1957 में उनकी रिलीज फिल्म तुमसा नहीं देखा हिट साबित हुई। जिसे नासिर हुसैन ने निर्देशित किया था। इस फिल्म में शम्मी कपूर ने अमीता नाम की एक नई एक्ट्रेस के साथ काम किया था। तुमसा नहीं देखा के हिट होने के बाद तो शम्मी कपूर के किस्मत का सितारा चमक गया और इसके बाद उन्होने दिल देके देखो,जंगली,प्रोफेसर,चायना टाउन,दिल तेरा दीवाना,राजकुमार,कश्मीर की कली,जानवर,तीसरी मंजिल,एन इवनिंग इन पैरिस व प्रिंस जैसी कामयाब फिल्में कर सफलता का एक नया आयाम लिख दिया। हालाकि इस दौरान शम्मी कपूर की पत्नी गीता बाली का निधन भी हो गया था। जिसकी वजह से वो सदमे में चले गए थे। पर धीरे धीरे वक्त के साथ समझौता कर वो आगे बढ़े और अपना एक नया मुकाम बनाया।
शम्मी कपूर के साथ खासियत ये थी कि उन्होने अपनी अधिकतर फिल्मों में नई अभिनेत्रियों के साथ काम किया था और सभी का करियर याहू स्टार ने बनाया। इनमें अमिता,आशा पारेख,सायरा बानो,साधना,शर्मिला टैगोर जैसी टॉप की अभिनेत्रियों के नाम शामिल हैं। जिन्होने शम्मी कपूर के साथ पहली फिल्म की थी। इतनी सारी सफल फिल्में देने के बावजूद उन्हे बाद में ब्रह्मचारी के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्म फेयर पुरस्कार दिया गया। अभिनेता ने अपने यूनीक डांसिंग और स्टाइल से सभी को दीवाना बना लिया था। शम्मी कपूर की कामयाबी में जहां नासिर हुसैन की फिल्में,आरडी बर्मन जैसे कई संगीतकारों का संगीत व मोहम्मद रफी की आवाज़ ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई थी। शम्मी कपूर का ये पूरा इंटरव्यू आप लहरें पोडकास्ट पर देख सकते हैं।

