नौजवान Dev Anand को फिल्मों में ऐसे मिला था पहला ब्रेक, Lehren को दिए खास इंटरव्यू में अभिनेता ने कही थी दिल की बात

फिल्म प्रोड्यूसर बाबू राव पाई ने 1946 में पहला ब्रेक दिया था फिल्म थी हम एक हैं। यह फिल्म प्रभात फिल्म्स के बैनर तले बनी थी

Dev Anand Exclusive Flashback Interview: हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो देव आनंद की 100 वीं बर्थ एनिवर्सरी पर आइए देव साहब की कुछ पुरानी यादों को ताज़ा करते हैं। हम देव आनंद को उनकी बेहतरीन फिल्मों, खूबसूरत गानों और लाजवाब अभिनय के लिए जानते हैं। बावजूद इसके देव साहब बहुत ही अच्छे फिल्म मेकर व लेखक भी रहे हैं। जिंदगी के आखिरी पड़ाव तक देव साहब ने फिल्मों को लिए काम किया है। 26 सितंबर 1923 को जन्में देव साहब को फिल्म प्रोड्यूसर बाबू राव पाई ने 1946 में पहला ब्रेक दिया था फिल्म थी हम एक हैं। यह फिल्म प्रभात फिल्म्स के बैनर तले बनी थी जो हिंदू मुस्लिम एकता को ध्यान में रखकर बनाई गई थी।

लहरें से एक पुराने इंटरव्यू में देव आनंद ने इस बारे में बताया था कि वो चर्नी रोड में बाबू राव पाई से मिलने गए और फिर कैसे उनको पहली फिल्म हम एक हैं बिना किसी गॉडफादर के मिली। इस फिल्म की शूटिंग के वक्त पुणे में देव आनंद की मुलाकात गुरू दत्त से हुई थी। जो बाद में एक दूसरे के बेहतरीन दोस्त बन गए थे। शायद वहीं दोनों ने एक दूसरे से वादा किया था कि देव साहब अभिनय करेंगे और गुरू दत्त परदे के पीछे का भार संभालेंगे। बाद में वहीं हुआ। 1948 में देव आनंद की विद्या सुरैया के साथ रिलीज हुई। तो वहीं इसी साल अशोक कुमार ने देव आनंद को जिद्दी फिल्म में लीड हीरो रिकमेंड किया और जिद्दी के हिट होने के बाद देव आनंद शोहरत की बुलंदी पर पहुंच गए।

जिद्दी के गानों से ही लता मंगेशकर और किशोर कुमार आवाजों को लोगों ने सुनना शुरू किया और बाद में ये दोनों भी लोगों के दिलों में बस गए। देव आनंद ने गुरू दत्त को फिल्म बाजी के जरिए बड़ा ब्रेक दिया और बतौर निर्देशक गुरूदत्त ने फिल्म बाजी निर्देशित की जो जबरदस्त हिट रही थी। इससे पहले फिल्म सीआईडी में भी दोनों साथ में काम कर चुके थे। लहरें के साथ बातचीत में देव आनंद ने बताया कि उन्होने गुरूदत्त में क्या खास देखा था। इसके अलावा देव आनंद ने इसी इंटरव्यू में कहा कि वो नये कलाकारों को ब्रेक देने की प्राथमिकता क्यों देते हैं।

देव आनंद ने इस बातचीत में इस बात पर भी रोशनी डाली कि लोग उनके स्टाइल को ज्यादा पसंद करते हैं। देव साहब ने कहा कि वो कुछ अलग से खास नहीं करते हैं। बस कुछ अच्छा करने की कोशिश करते हैं ताकि वो अपने दर्शकों को कुछ अलग दे सके। बस वो ही स्टाइल बन जाता है। देव आनंद ने न सिर्फ अभिनय किया है बल्कि कई फिल्मों का निर्माण व निर्देशन भी किया है। जिनमें प्रेम पुजारी से लेकर चार्जशीट जैसी फिल्में शामिल हैं। हालाकि देव साहब द्वारा निर्मित की गई आखिरी दौर की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर चल नहीं पाई थी।

ये भी पढ़े: Dev Anand की 100वीं बर्थ एनिवर्सरी पर फैन्स कर रहे हैं सदाबहार अभिनेता को याद, वाइफ Kalpana Kartik ने कहा वो हमेशा हमारे दिल…

Latest Posts

spot_img

you may like