Runa Laila Recording Song Main Kali With Laxmikant Pyarelal: 80 और 90 के दशक की मशहूर संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने हिंदी सिनेमा को कई चार्टबस्टर नंबर्स दिए हैं। फिल्म पारसमणि के शानदार संगीत से शोहरत की बुलंदी पर पहुंचे इस संगीतकार जोड़ी ने शंकर जयकिशन की तरह ही युवाओं की पसंद को ध्यान में रखकर संगीत की रचना की और लोगों की पहली पसंद बने। संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत में एक ऐसा गीत जिसे बांग्लादेशी सिंगर रूना लैला ने अपनी नशीली आवाज़ में रिकॉर्ड किया था। फिल्म सपनों का मंदिर का ये गाना उस समय काफी मशहूर हुआ था।
1991 में रिलीज फिल्म सपनों का मंदिर में जीतेंद्र जया प्रदा व दूसरे लीड कलाकार थे। पर रूना लैला की आवाज में रिकॉर्ड किए इस गाने का जादू कुछ अलग ही था। लहरें रेट्रो अपने अर्काइव से एक ऐसा ही वीडियो लेकर आया है। जिसमें रूना लैला अपनी नशीली आवाज में संगीतकार लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के साथ रिहर्सल कर रही हैं और बाद में इस गाने को रिकॉर्ड भी कर रही हैं। वीडियो में देखिए कि कैसे लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने इस गाने के लिए संगीत का अरेंजमेंट किया था और कैसे ये गाना अपनी मधुरता के शिखर पर पहुंचा था।
गाने की एक एक लाइन को रिकॉर्ड करने और संगीत को तब कंपोज करना कितना मुश्किल रहा होगा। आप इस वीडियो को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं। बहरहाल इस वीडियो में देखिए कि कैसे संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत प्यारेलाल रूना लैला को गाने की रिहर्सल करा रहे हैं और फिर प्यारेलाल दूसरे म्यूजिक अरेंजर्स की सेटिंग कर रहे हैं। स्टूडियोज में ये नजारा तब और देखने लायक होता था। शायद इसीलिए पुराने गानों में इतनी मिठास होती है।
सपनों का मंदिर फिल्म को प्रदीप जैन ने निर्देशित किया था। जब ये गाना रिकॉर्ड हुआ था। तब रूना लैला भारत घूमने आई थी। लहरें से बातचीत में रूना लैला ने तब कहा था कि यहां बॉलीवुड में काम करने के लिए वर्क परमिट की जरूरत होती है। अगर उन्हे वर्क परमिट मिल जाए तो गाने में कोई दिक्कत नहीं होती है, लेकिन अगर वर्क परमिट नहीं है। तो यहां काम नहीं कर सकते। लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने रूना से ये गाना भारत विजिट के दौरान गवाया था। जो काफी अच्छा बन पड़ा था। लहरें रेट्रो यूट्यूब चैनल पर आप रूना लैला के इस गाने की रिकॉर्डिंग देख सकते हैं।

