Yogesh Tripathi & Smita Sable Share Their Love For Tea: हममें से ज्यादातर लोगों को चाय की एक प्याली से बहुत सुकून मिलता है। लेकिन जिन कलाकारों की जिन्दगी में व्यस्त शेड्यूल, जल्दी सुबह सेट पर पहुँचने की आपाधापी और भावुक सीन होते हैं, उनके लिये चाय की एक प्याली बहुत मायने रखती है। नेशनल टी डे पर एण्डटीवी के कलाकार चाय के साथ अपने रिश्ते के बारे में बता रहे हैं। चाय उनके लिये सिर्फ एक पेय नहीं है, बल्कि रोजाना ऊर्जा, गर्माहट और भागमभाग के बीच सुकून के पल देने वाली एक अच्छी साथी है। स्मिता सेबल (धनिया, ‘भीमा’), योगेश त्रिपाठी (दरोगा हप्पू सिंह, ‘हप्पू की उलटन पलटन’) और शुभांगी अत्रे (अंगूरी, ‘भाबीजी घर पर हैं) बता रहे हैं कि उनकी पसंदीदा चाय की प्याली उन्हें किस तरह आराम और शांति प्रदान करती है। वे बता रहे हैं कि भागमभाग से भरे उनके जीवन में चाय किस तरह राहत और नया जोश भर देती है।
भीमा में धनिया की भूमिका निभा रहीं स्मिता सेबल ने बताया, ‘‘चाय मेरा उत्साह बढ़ाती है। वह बिना कुछ कहे मुझे समझ जाती है। सुबह जब मैं सेट पर पहुँचती हूँ और दुनिया आधी नींद में होती है, तब एक कड़क मसाला चाय की गर्माहट मुझे कहती है कि ‘आज का दिन तुम्हारा है’। उसके मसाले मुझे तुरंत तरोताजा कर देते हैं। ठंड के दिनों में मुझे अदरक की चाय चाहिये। जब वह भीतर से मेरे शरीर को गर्माहट देती है, तब घर जैसा एहसास होता है और झुलसाने वाली गर्मियों के दौरान शूटिंग में आइस्ड लेमन टी का एक बड़ा-सा गिलास मेरा दिल जीत लेता है। वह तीखी, ठंडी और तुरंत मूड को अच्छा करने वाली होती है। ग्रीन टी पीने के बाद भावुक सीन भी मेरे लिये आसान हो जाते हैं। मेरा ध्यान भटकता नहीं है। मेरे लिये चाय सिर्फ एक पेय नहीं है, बल्कि खास तरह का मूड और एक याद है। मेरे दिमाग को उससे राहत मिलती है।’’
‘हप्पू की उलटन पलटन‘ के दरोगा हप्पू सिंह, ऊर्फ योगेश त्रिपाठी ने बताया कि, ‘‘चाय कुल्हड़ में की जाने वाली मेरी साधना हैं। चाहे मैं दिन की भागदौड़ के लिए तैयार हो रहा हूं या फिर उससे आराम कर रहा हूं, चाय हमेशा मेरा मूड बना देती है। मेरी सुबह कड़क चाय से शुरू होती है जो मुझे जगाने का काम करती है। मैं देसी चाय पसंद करता हूँ, जो दूध, चायपत्ती, शक्कर, अदरक और इलायची से बनती है। कभी-कभी उसमें थोड़ी काली मिर्च भी हो सकती है। मुझे चाय पीने में जितना मजा आता है, उतना ही उसे बनाने की प्रक्रिया भी मुझे पसंद है। जब भी मैं घर पर होता हूँ, तब आप मुझे रसोईघर में मेरे और मेरी पत्नी के लिये चाय बनाते हुए पा सकते हैं। मेरी पत्नी को भी यह पसंद है। वह कहती है कि मैं सबसे बढ़िया चाय बनाता हूँ और सच कहूं, तो यह मुझे सबसे बड़ा काॅम्प्लिमेंट लगता है। एक व्यस्त दिन के बाद दोबारा मिलने पर यह टी ब्रेक्स हमें बड़ा आनंद देते हैं।’’
‘भाबीजी घर पर हैं‘ की अंगूरी भाबी, ऊर्फ शुभांगी अत्रे ने बताया, ‘‘मुझे चाय बहुत पसंद है, लेकिन खुशबूदार चाय पीकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। मैं कह सकती हूँ कि मैंने हर फ्लेवर चखा हुआ है। सफर करते वक्त चाय की नई-नई वैरायटी खोजना मेरा शौक बन चुका है। माराकेच की मोरक्कन मिंट टी से लेकर जापान की माचा और चीन की ऊलोंग तक, मुझे स्थानीय चाय खोजने में बड़ा आनंद आया है। लेकिन देसी कुल्हड़ वाली चाय मेरी सदाबहार पसंद है, जिसे हाल ही में वाराणसी के दौरे में मैने पिया था। इसे पीकर मेरी एनर्जी फौरन बढ़ गई और मैंने चाय की हर चुस्की का पूरा मजा लिया। जमीन से जुड़ा और आपको अपनी जड़ों से जोड़ने वाला उसका स्वाद सचमुच खास होता है।’’

