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Uttarakhand Disaster: ग्लेशियर की वजह से मरने वालों की संख्या हुई 62, शुक्रवार को मिला एक और शव

चमोली जिले में बाढ़ (Flood) प्रभावित क्षेत्र से एक और शव मिला है, जिससे ग्लेशियर (Glacier) टूटने की आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है।


Uttarakhand Disaster One more dead body found: उत्तराखंड (Uttarakhand) के चमोली में 12 फरवरी को ग्लेशियर टूटने से तबाही मच गई है। राहत कार्यों का काम लगातार जारी है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बता दे, चमोली जिले में बाढ़ (Flood) प्रभावित क्षेत्र से एक और शव मिला है, जिससे ग्लेशियर (Glacier) टूटने की आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है।

वहीं एनटीपीसी की तपोवन-विशनुगढ़ जलविद्युत परियोजना स्थल पर 13वें दिन भी खोज और बचाव अभियान जारी है। चमोली जिले की पुलिस ने शुक्रवार को कहा कि एक शव जोशीमठ और पीपलकोटी के बीच हेलंग में अलकनंदा के तट से बृहस्पतिपार देर रात मिला। इस हादसे के बाद उत्तराखंड पुलिस के अनुसार 202 लोग गायब थे।

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वही शव मिलने के बाद पुलिस ने बताया कि शव टीएचडीसी के एक कॉफर बैराज में मिला. पुलिस ने कहा कि इसके साथ ही 7 फरवरी की आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 62 हो गई है जबकि 142 लोग अभी भी लापता हैं। तपोवन-विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना के इनटेक टनल से अब तक 13 शव निकाले जा चुके हैं, जहां आपदा के बाद से अब तक बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान जारी कर दिया गया है।

इसी के साथ ही पुलिस ने बताया कि इसके अलावा, प्रभावित क्षेत्र में विभिन्न स्थानों से 28 मानव अंग भी मिले हैं, जिनमें से एक की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने कहा कि अब तक मिले 62 में से 33 शवों की पहचान कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि अज्ञात शवों के डीएनए को संरक्षित किया जा रहा है। ऋषिगंगा पर ग्लेशियर टूटने से हिमस्खलन हुआ था, जिससे नदी के किनारे 13.2 मेगावाट की एक जलविद्युत परियोजना ध्वस्त हो गई थी जबकि धौलीगंगा के साथ लगती एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगढ़ जलविद्युत परियोजना को व्यापक नुकसान पहुंचा था।

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