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एक वक्त Nawazuddin Siddiqui के पास खाने तक के लिए नहीं थे पैसे, मरने जैसी हो गई थी हालत

Nawazuddin Siddiqui Struggle : नवाजुद्दीन सिद्दीकी को आज यह मुकाम हासिल करने में काफी मेहनत लगी है। वह इंडस्ट्री के टैलेंटेड एक्टर की लिस्ट में शुमार हैं। मगर नवाज के लाइफ में एक वक्त ऐसा भी था जब उनके पास खाने तक के लिए पैसे नहीं थे और फिर उनकी हालत खराब हो गई थी। पढ़ें पूरी खबर।


Nawazuddin Siddiqui Struggle : बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) आज इंडस्ट्री के टॉप एक्टर्स की लिस्ट में शुमार है। उनकी एक्टिंग की पूरी दुनिया ही दीवानी है। अपने दमदार एक्टिंग से नवाजुद्दीन सिद्दीकी फिल्मों में अपने किरदार में जान फूंक देते हैं। आज अपनी हर फिल्म के लिए नवाजुद्दीन सिद्दीकी करोड़ों में फीस लेते हैं, मगर एक वक्त उनके जीवन में ऐसा ही था जहां उनके पास खाने तक के लिए पैसे नहीं होते थे। इस दौरान अपनी बिगड़ती हुई हालत को देखकर नवाज ने बस यही मान लिया था कि वह अब नहीं बचेंगे।

एक इंटरव्यू के दौरान बॉलीवुड एक्टर नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) ने अपने स्ट्रगल के दिनों को याद किया और बहुत कुछ बातें शेयर की। इस इंटरव्यू में बातचीत के दौरान नवाज ने बताया कि वह शुरुआत से मजदूरों की तरह मेहनती और लड़ने वाले स्वभाव के रहे हैं। उस दौरान अपने बारे में बात करते हुए नवाज ने बताया कि,” मैंने कभी स्टार बनने का सपना देखा ही नहीं था और उस वक्त तो मेरा बस यही इरादा था कि किसी भी तरह अपना जीवन यापन करना था और खाने के लिए कमाई करनी थी।

अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) ने इस बात का भी खुलासा किया कि स्ट्रगल के दिनों में उनके पास खाने तक के लिए पैसे नहीं हुआ करते थे। और ऐसे में वह तभी अपने दोस्तों के घर खाना खाने के लिए जाते थे। इस बारे में बात करते हुए नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि,” मेरे लिए वह मुश्किल दौर था लेकिन हम बहुत खुश थे। मगर हां कभी कभी काम नहीं मिलने से काफी तनाव महसूस होता था।”

यही नहीं बल्कि इस इंटरव्यू में नवाज ने इस बात का भी खुलासा किया कि जब पैसे ना होने की वजह से वह ठीक से खाना नहीं खा पाते थे और इसी वजह से तो बहुत कमजोर भी हो गए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि,” मैं बहुत कमजोर हो गया था। यही नहीं बल्कि मेरे बाल तक झड़ने शुरू हो गए थे। मैं जब भी 2 किलोमीटर चलता था तो बहुत थक जाता था। उस वक्त मुझे ऐसा लगा कि मैं अब मरने वाला हूं। मैं ज्यादा दिनों तक जी नहीं पाऊंगा। इसके बाद बाहर की दुनिया देखने के लिए मैंने पूरा दिन घूमना शुरू कर दिया। मुझे लगा था कि पता नहीं अब मैं और कितना दिन जीने वाला हूं।”

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