Uttam Singh ने Dil To Pagal Hai के इस मशहूर गाने को लेकर Yash Chopra को ऐसे किया था इंप्रेस, फिर Anand Bakshi ने रच दिया था इतिहास

संगीतकार उत्तम सिंह ने बचपन से ही संगीत के क्षेत्र में काम करना शुरू कर दिया था। बतौर म्यूजिक अरेंजर काम करने वाले इस संगीतकार को पहला ब्रेक मनोज कुमार ने दिया था पर यश चोपड़ा की इस फिल्म की कामयाबी ने उन्हे शोहरत की बुलंदी पर पहुंचा दिया था

Uttam Singh’s Revealing Talk On Dil To Pagal Hai Musical Journey: मनोज कुमार की फिल्म पेंटर बाबू से बतौर संगीतकार अपने करियर की शुरूआत करने वाले संगीतकार उत्तम सिंह ने यश चोपड़ा की फिल्म दिल तो पागल है की कामयाबी ने शोहरत की बुलंदी पर पहुंचा दिया था। 25 मई 1948 को पंजाब में जन्मे संगीतकार उत्तम सिंह आज अपना जन्मदिन सेलीब्रेट कर रहे हैं। 76वां जन्मदिन मना रहे उत्तम सिंह के पिता जी भी संगीत से ही जुड़े हुए थे। ऐसे में जाहिर सी बात है कि उत्तम सिंह को संगीत विरासत में मिली हुई थी। करीब 5 साल की उम्र से ही उत्तम सिंह ने संगीत सीखना शुरू कर दिया था। 12 साल की उम्र में उत्तम सिंह ने तबला व वेस्टर्न वायलिन बजाना शुरू कर दिया था। बचपन में अपना खर्च चलाने के लिए उत्तम सिंह गुरूद्वारों में कीर्तन व दूसरे धार्मिक आयोजनों में हिस्सा लिया करते थे।

संगीतकार उत्तम सिंह ने पहले म्यूजिक अरेंजर के रूप में काम करना शुरू किया और कई फिल्मों से संगीतकार उत्तम सिंह बतौर अरेंजर ही जुड़े रहे और अपने आपको संगीत के क्षेत्र में बतौर म्यूजिक अरेंजर ही स्थापित कर लिया था। लहरें रेट्रो से बातचीत में उत्तम सिंह ने बताया था कि उनका सपना कभी म्यूजिक डायरेक्टर बनने का था ही नहीं, वो बतौर म्यूजिक अरेंजर बहुत खुश थे। लहरें रेट्रो से बातचीत में उत्तम सिंह ने कहा कि बतौर स्वतंत्र संगीतकार के रूप में अभिनेता मनोज कुमार ने उन्हे सबसे पहला ब्रेक फिल्म पेंटर बाबू से दिया था। इसके बाद उन्होने वारिस व दूसरी कई फिल्मों में अपने दोस्त जगदीश खन्ना के साथ मिलकर उत्तम जगदीश के नाम से संगीत दिया था। पेंटर बाबू में भी उत्तम और जगदीश खन्ना की जोड़ी थी।

उत्तम सिंह को पहला बड़ा ब्रेक 1997 में रिलीज हुई फिल्म दिल तो पागल है से मिला। जिसमें शाहरुख खान,माधुरी दीक्षित व करिश्मा कपूर लीड रोल में थी। ये फिल्म जबरदस्त हिट हुई और उत्तम सिंह का संगीत लोगों की जुबान पर छा गया। इस फिल्म के एक गाने अरे रे ये क्या हुआ को लेकर उत्तम सिंह ने लहरे रेट्रो से बातचीत में कहा कि यश चोपड़ा इस ट्यून को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित नहीं थे। महीने उन्होने इस ट्यून पर काम किया था। पर जब उन्होने ये ट्यून उदय चोपड़ा को सुनाई। तो उन्हे बहुत अच्छा लगा और फिर गीतकार आनंद बक्शी के साथ इस ट्यून को लेकर बातचीत हुई और फिर सेचुएशन के हिसाब से इस ट्यून उन्होने गाना लिखा, जो जबरदस्त हिट साबित हुआ था। इस गाने की ट्यून और फिर ये गाना पूरे फिल्म में कहानी के मुताबिक इस्तेमाल किया गया।

उत्तम सिंह के साथ की गई इस पूरी बातचीत को आप लहरें रेट्रो यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं। जिसमें उत्तम सिंह ने और भी कई बातें की हैं और अपने करियर का आज के दौर के संगीत व संगीतकारों की काबिलियत के अलावा संगीत की चोरी पर भी विस्तार से बातें की हैं।

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