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7 राज्यों के CM के साथ मीटिंग के बाद PM नरेंद्र मोदी बोले- हमें माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ध्यान देना है और लॉकडाउन पर ध्यान देना चाहिए


PM Narendra Modi Meeting With CM’s: बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के साथ मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने कोरोना वायरस के प्रभाव और इससे निपटने की रणनीति को लेकर चर्चा किया। प्रधानमंत्री के साथ इस मीटिंग में महाराष्ट्र (Maharashta), आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh), कर्नाटक (Karnataka), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), तमिलनाडु (Tamilnadu),दिल्ली (Delhi) और पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। देशभर में कोरोना के जितने एक्टिव मामले हैं उनमें 63 प्रतिशत केस इन्हीं राज्यों में हैं और पूरे देश में कोरोना की वजह से हुई मौतों में 77 प्रतिशत मौतें इन्हीं 7 राज्यों में हुई हैं।

PM ने मीटिंग के दौरान कहा कि इन दिनों देश में रोज 10 लाख से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं। साथ ही उन्हेंने कहा कि शुरू लॉकडाउन करने के काफी फायदे मिले हैं और अब हमें माइक्रो कंटेनमेंट जोन पर ध्यान देना है।

‘7 राज्यों के 60 जिलों पर देना है ज्यादा ध्यान’

मुख्यमंत्रियों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘देश में 700 से भी ज्यादा जिले हैं, लेकिन कोरोना वायरस के जो बड़े आंकड़े हैं वो सिर्फ 60 जिलों से आ रहे हैं, और वे भी 7 राज्यों में। मुख्यमंत्रियों को सुझाव है कि एक 7 दिन का कार्यक्रम बनाएं और प्रतिदिन 1 घंटा दें। वर्चुअल तरीके से हर दिन 1 जिले के 1-2 ब्लॉक के लोगों से सीधे बात करें।’ पीएम ने आगे कहा, ‘संयम, संवेदना, संवाद और सहयोग का जो प्रदर्शन इस कोरोना काल में देश ने दिखाया है, उसको हमें आगे भी जारी रखना है।संक्रमण के विरुद्ध लड़ाई के साथ-साथ अब आर्थिक मोर्चे पर हमें पूरी ताकत से आगे बढ़ना है।’

PM Narendra Modi Meeting With CM’s

‘सावधानी नहीं बरतेंगे तो कोरोना से नहीं जीत पाएंगे’

पीएम मोदी ने कहा, ‘जब तक रोजमर्रा में सावधानी नहीं बरतेंगे तब तक कोरोना से जीत नहीं पाएंगे। बीते अनुभवों से समझ में आया है कि एक राज्य से दूसरे राज्य के बीच सेवाओँ और सामान की आवाजाही में सामान्य नागरिकों को अनावश्यक परेशान होना पड़ा। बीते महीनों में कोरोना इलाज से जुड़ी जिन सुविधाओं का विकास किया है, वो हमें कोरोना से मुकाबले में बहुत मदद कर रही है।अब हमें कोरोना से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को तो मजबूत करना है, जो हमारा हेल्थ से जुड़ा, ट्रैकिंग-ट्रेसिंग से जुड़ा नेटवर्क है, उनकी बेहतर ट्रेनिंग भी करनी है।’ पीएम ने साथ ही कहा कि ऑक्सीजन की कमी नहीं है लेकिन राज्यों के बीच तालमेल बहुत जरूरी है, जिससे जीवन की रक्षा की जा सके।

लॉकडाउन का असर जांचें राज्य’

राज्यों द्वारा आंशिक लॉकडाउन के मुद्दे पर पीएम मोदी ने कहा, ‘जो 1-2 दिन के लोकल लॉकडाउन होते हैं, वो कोरोना को रोकने में कितना प्रभावी हैं, हर राज्य को इसका अवलोकन करना चाहिए।कहीं ऐसा तो नहीं कि इस वजह से आपके राज्य में आर्थिक गतिविधियां शुरू होने में दिक्कत हो रही है?मेरा आग्रह है कि सभी राज्य इस बारे में गंभीरता से सोचें।’ प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रभावी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, सर्विलांस और स्पष्ट मैसेजिंग, इसी पर हमें अपना फोकस और बढ़ाना होगा। पीएम ने कहा कि प्रभावी मैसेजिंग इसलिए भी जरूरी है क्योंकि ज्यादातर संक्रमण बिना लक्षण का है और ऐसे में अफवाहें उड़ने लगती हैं।

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