Padma Bhushan पुरस्कार पाकर भी जब नाखुश थे A.K. Hangal, जानिए आजादी के बाद की राजनीति पर क्या था एक्टर का नजरिया

फिल्मों में तमाम किस्म के प्रेरणास्पद रोल करने वाले अभिनेता आजादी के बाद की राजनीत व नेताओं से खुश नहीं थे। हालाकि वो इस बात से खुश थे कि आजाद हवा में सांस ले रहे हैं

In Conversation With AK Hangal Recalling The Era Of Icons & Ideals: गुजरे जमाने के मशहूर अभिनेता एके हंगल आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी कही बातें आज भी बहुत ही प्रसांगिक हैं। फ्रीडम फाइटर से एक्टर बने एके हंगल 60 के दशक से ही सिनेमा में सक्रिय थे। सिनेमा के अलावा वो मशहूर थिएटर आर्टिस्ट भी थे। हंगल ने आजादी की लड़ाई में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया था। फिल्मों में तमाम किस्म के प्रेरणास्पद रोल करने वाले अभिनेता आजादी के बाद की राजनीत व नेताओं से खुश नहीं थे। हालाकि वो इस बात से खुश थे कि आजाद हवा में सांस ले रहे हैं।

लहरें रेट्रो से एक फ्लैशबैक बातचीत में एके हंगल ने अपने करियर, बॉलीवुड कल्चर, स्टारडम, दोस्ती,राजनीति व नेताओं को लेकर अपनी बेबाक राय रखी थी। एके हंगल का ये पूरा इंटरव्यू आप लहरें पोडकास्ट यूट्यूब चैनल पर देख सकते हैं। एके हंगल ने इस बात में ये भी कहा था कि भारत सरकार ने उन्हे पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया है। ये पुरस्कार उन्हे तात्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने दिया था। बावजूद इसके एके हंगल इससे खुश नहीं थे, क्योंकि देश के राजनेताओं का नजरिए देश के प्रति और जनता के प्रति काफी बदल गया था। पद्म भूषण पाने के बाद हंगल ने लहरें से बातचीत में कहा था कि मैं पद्म भूषण पुरस्कार लेकर क्या करूंगा, चाटूंगा उसे।

अपनी इसी बातचीत में बॉलीवुड सितारों से दोस्ती व ग्लेमर को लेकर जब सवाल पूछा गया, तब अभिनेता ने कहा था कि मैं किसी के घर नहीं जाता और न ही मेरी किसी से दोस्ती है। हम सिर्फ सेट पर मिलते हैं काम करते हैं और घर चले आते हैं। ग्लेमर का मेरे ऊपर कोई असर नहीं पड़ता। ऊपर से मैं फिल्मी स्टार्स से अच्छे कपड़े पहनता हूं फिर भी किराए के मकान में ही रहता हूं। संजीव कुमार को लेकर एके हंगल ने कहा कि संजीव कुमार उनके शिष्य थे। उन्होने ही उनको काम दिलाया था। आगे अभिनेता ने कहा कि वो दिल्ली में थे। तब उन्हे पता चला कि संजीव कुमार की मौत हो गई है। तब वो सारी रात खाना नहीं खा पाए थे। दोस्ती नहीं थी फिर भी संजीव कुमार का जाना उन्हे रूला गया था।

आपको बता दें कि एके हंगल ने अपने दौर के सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया था, भले ही उनका रोल चरित्र किरदारों का रहता था लेकिन एके हंगल का जितना भी रोल रहता था,वो काफी इपैक्टफुल रहता था। अपनी फिल्मी करियर में उन्होने 200 से ज्यादा फिल्मों में करके कई पुरस्कार जीता था।

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