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K.G.F: Chapter 2: संजय दत्त का चौकाने वाला खुलासा, कैंसर से ज्यादा फिल्म की शूटिंग को दिया था महत्व, जानिए पूरी बात

मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2' रिलीज़ के लिए तैयार है , ऐसे में फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे संजय दत्त ने बेहद ही खास बाते शेयर की


Sanjay Dutt On KGF 2: बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) अब अपने सभी फैन्स को डायरेक्टर प्रशांत नील के डायरेक्शन में बनी साउथ की मोस्ट-अवेटेड फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ (KGF Chapter 2) में साउथ सुपरस्टार यश (Yash) के साथ ‘अधीरा’ (Adheera) का किरदार निभाते हुए नजर आएंगे।

यह फिल्म 14 अप्रैल को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी, ऐसे में संजय दत्त इन दिनों फिल्म के प्रमोशन को लेकर काफी ज्यादा एक्टिव हैं। इसी बीच एक प्रमोशन इवेंट के दौरान संजय ने फिल्म की शूटिंग और अपनी हेल्थ से संबंधित एक बड़ा खुलासा किया है।

कैसे किया कैंसर से लड़ते हुए शूट

साल 2020 में जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से लड़ रही थी तभी संजय दत्त की लंग कैंसर से भी लड़ाई शुरू हो गई।संजय ने फौरन कैंसर का इलाज तो शुरू कर दिया लेकिन वो अपने काम से दूर नही रह पाए, जी हाँ संजय अपने कैंसर ट्रीटमेंट के दौरान भी ‘केजीएफ चैप्टर 2’ (KGF Chapter 2) की शूटिंग करते रहे। जिसपर उनका कहना है कि ये काम बेहद मुश्किल जरुर था लेकिन जिस तरीके से सभी फिल्म मेकर्स ने मेरा ध्यान रखा उससे ये महसूस ही नही हुआ कि मै इतनी बड़ी बीमारी से जूझ रहा हू। 

वहीं फिल्म मेकर्स का ये भी कहना है कि हेल्थ कंडीशन के चलते हमने संजय को फिल्म का बाकी बचा हुआ पार्ट ग्रीन स्क्रीन पर शूट करने का सुझाव दिया था। लेकिन उन्होंने उससे साफ इंकार कर दिया। जबकी उन्हें क्लाइमेक्स सीन शूट करना था जिसमे कीचड़, धूल, आग और बहुत सारा एक्शन मिक्स था। ऐसे में ये हमे मुश्किल दिख रहा था लेकिन संजय को बेहद आसान।   

आजकल के सिनेमा को लेकर क्या सोचते हैं संजय

फिल्म को प्रोमोट करने पहुचे संजय दत्त से जब इवेंट के दौरान ये पूछा गया कि जिस तरह की फिल्मे अब बन रही हैं वो उनके दौर से एकदम अलग है, तो इसपर उनका क्या कहना है? जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब सब कुछ पहले जैसा नही रह गया है। सिनेमा जगत और दर्शकों के देखने के तरीके, इन दोनों में बदलाव आ रहा है। इसीलिए मैंने भी खुद मे बदलाव लाना शुरू कर दिया है। अब वो सिर्फ हीरों वाली एक्शन फिल्मों का दौर जा चुका है, और जब लोगों की पसंद बदल चुकी है तो हम एक्टर्स और फिल्म मेकर्स को उनकी पसंद पर ध्यान देना चाहिए और वैसा ही सिनेमा बनाने की कोशिश करनी चाहिए।

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