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Hrithik Roshan और Kangana Ranaut का मामला गया अब क्राइम ब्रांच के हवाले, एक्ट्रेस बोलीं- कब तक रोएगा ?

ऋतिक रोशन और कंगना रनौत से जुड़ा मामला साइबर सेल से क्राइम ब्रांच इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) को ट्रांसफर कर दिया गया है।


Hrithik Roshan’s FIR: बॉलीवुड एक्टर ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) और कंगना रनौत (Kangana Ranaut) का झगड़ा काफी दिनों तक मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ था। वही अब इन दोनों से जुड़ा मामला साइबर सेल से क्राइम ब्रांच इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) को ट्रांसफर कर दिया गया है। वही क्राइम ब्रांच के प्रभारी और मुंबई पुलिस संयुक्त आयुक्त ने ये आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक ऋतिक रोशन की एफआईआर पर अब क्राइम ब्रांच जांच करेगी।

ये है ऋतिक रोशन और कंगना रनौत मामला: आपको बता दे ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) को 2013 से 2014 के बीच 100 ईमेल मिले थे। खबरों के मुताबिक ऐसा बताया गया कि ये ई-मेल किसी और ने नहीं, बल्कि कंगना रनौत (Kangana Ranaut) की मेल आईडी से भेजे गए थे। जिसके बाद इसी मामले में ऋतिक रोशन ने 2017 में साइबर सेल में एक शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर कंगना रनौत ने कहा था कि उनकी ई-मेल आईडी हैक हो गई थी और उन्होंने ऋतिक रोशन को कभी कोई ई-मेल नहीं किया।

कंगना रनौत ने ट्वीट कर कही ये बात: कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने भी अब इस मामले पर रिएक्ट की हैं। कंगना रनौत ने ट्वीट कर लिखा, ‘उसकी कहानी फिर से शुरू हो गई। हमारे ब्रेक अप और उसके डिवोर्स के कितने साल हो चुके हैं, लेकिन वह आगे बढ़ने से इनकार कर रहा है। किसी भी महिला को डेट करने से मना करता है। बस जैसी ही मैं अपनी पर्सनल लाइफ में कुछ उम्मीद पाने के लिए साहस जुटाती हूं तो वह फिर से वही नाटक शुरू कर देता है। ऋतिक रोशन कब तक रोएगा एक छोटे से अफेयर के लिए.’

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The crime branch will now investigate Hrithik Roshan’s FIR

वही अब इतने साल होने के बाद अभी तक इस मामले की जांच में कोई रिजल्ट सामने नहीं आया हैं। वही इस केसको हैंडल कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी के कार्यालय ने हाल ही में 9 दिसंबर को पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा था। इसमें कहा गया कि क्लाइंट (Hrithik Roshan) ने जांच में सहयोग किया और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मुहैया कराई है। जिसके बाद मजिस्ट्रेट कोर्ट ने क्लाइंट के लैपटॉप और फोन लौटाने के निर्देश दिए थे, जिसे मुहैया भी कराया गया था, लेकिन क्लाइंट को लैपटॉप और फोन वैसे नहीं मिले, जैसे उनसे लिए गए थे। वही इस दलील के बाद केस ट्रांसफर कर दिया गया है।

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