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जानिए कैसे एक विदेशी महिला Hunterwali बन हिंदी सिनेमा के दर्शकों के दिलों पर छा गई

8 जनवरी 1908 को ऑस्ट्रेलिया में पैदा हुई नादिया 30 और 40 के दशक में हिंदी सिनेमा की सबसे मशहूर कलाकारों में से एक थी। जिसने हंटरवाली बन परदे पर जबरदस्त कामयाबी हासिल की थी


Fearless Nadia Death Anniversary: 30 के दशक के बाद एक तरफ जहां दुनिया दूसरे विश्व युध्द के बाद पैदा हुए हालात से उबर रही थी। वही दूसरी ओर सिनेमा एक ऐसे हीरो की तलाश में था।  जो दर्शकों को अपनी बहादुरी से प्रभावित कर सके।  ऐसे दौर में उदय हुआ सुपरमैन हीरो का।  हॉलीवुड में जहां 30 और 40 के दशक में सुपरमैन,बैटमैन और वंडर वुमेन जैसे किरदार फिल्मों में आए।  वहीं हिंदी सिनेमा भी कुछ इसी तरह के हीरो की तलाश में था।  जो गुलामी की जंजीरों से आजादी के लिए फिल्मों का सुपरमैन बने। इसी जद्दोजेहद में हिंदी सिनेमा में एक ऐसी नायिका का उदर हुए जिसने अपने निडर स्वभाव और कुछ कर गुजरने की क्षमता ने हिंदी सिनेमा के दर्शकों के दिलों पर 40 और 50 के दशक में राज किया और उसका नाम था फीयरलेस नादिया।

हिंदी सिनेमा में नादिया Fearless Nadia, हंटरवाली जैसे उपनामों से मशहूर रही है। आस्ट्रेलियाई मूल की नादिया के बचपन का नाम मैरी इवेंस था। नादिया का बचपन ज्यादातर एशिया या यूं कहें कि पाकिस्तान में बीता।  यहीं उन्होने घुड़सवारी और डांस सीखा था। एक ज्योतिषी के कहने पर नादिया ने अपना नाम बदल लिया था। नादिया जब बड़ी हुई तो उन्होने बॉम्बे सेना और नौसेना की दुकानों में सेल्सवूमेन का काम किया।  इसके बाद वो एक सर्कस से भी जुड़ी जहां उन्होने जिमनास्टिक और कुछ स्टंट भी सीखा और अपने कर्तब से लोगों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया।

सर्कस में ही काम करते हुए नादिया को एक सिनेमा मालिक ने देखा और बाद में वाडिया मूवीटोन प्रोडक्शन हाउस के मालिकों जेबीएच वाडिया और होमी वाडिया से नादिया की मुलाकात करवाई।  फिर नादिया को देश का दीपक और नूर-ए-यमन नाम की फिल्मों में छोटा सा रोल मिला। पहली फिल्म में दासी का किरदार व दूसरी में नादिया ने राजकुमारी का रोल किया था।

नादिया के इन दोनों ही किरदारों को दर्शकों ने खूब पसंद किया था।  इसके बाद वाडिया मूवीटोन ने नादिया को लीड रोल में लेने का विचार बनाया फिल्म थी हंटरवाली। 1935 में हंटरवाली रिलीज हुई जिसमें एक औरत को लोगों ने हाथों में चाबुक लेकर परदे पर एक्शन करते देखा, तो लोग अचंभित तो हुए लेकिन नादिया का ये निडर रूप उन्हे पसंद भी आया।फिल्म कामयाब रही और यहीं से नादिया फीयरलेस नादिया के तौर पर, हंटरवाली नादिया और स्टंट वूमेन नादिया के उपनाम से मशहूर हुई।इसके बाद नादिया ने 50 से अधिक फिल्मों में काम किया।  हंटरवाली का सीक्वेल भी बना जिसका नाम हंटरवाली की बेटी था।  ये फिल्म भी कामयाब रही। नादिया ने फिल्मों में न सिर्फ अपने किरदार व छवि से शोहरत पाई बल्कि उनकी फिल्मों की कामयाबी ने वाडिया मूवीटोन को भी जबरदस्त कमाई का मौका दिया।  नादिया ने बाद में होमी वाडिया से शादी कर ली।  9 जनवरी 1996 को 88 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।  नादिया की आखिरी फिल्म 1968 में रिलीज खिलाड़ी थी, जिसमें उन्होने एक गुप्त एजेंट की भूमिका अदा की थी।  बाद में नादिया को श्रध्दांजलि के तौर पर एक़ डॉक्युमेंट्री फीयरलेस द हंटरवाली 1993 में बनाई थी।

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