आपको याद हैं इंडस्ट्री का ये खूंखार विलेन? एक झटके में निगल गया था कइयों का करियर, बिग बी को भी ला दी थी दहशत!

19 मार्च 2008 को रघुवरण हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए और उनकी मृत्यु का कारण अत्यधिक शराब का सेवन बताया गया था।

इस चेहरे को अपने किसी न किसी फिल्म में जरूर देखा होगा। साउथ से लेकर हिंदी सिनेमा में अपनी शानदार एक्टिंग का लोहा मनवा चुके मशहूर अभिनेता और इस खूंखार विलेन ने इंडस्ट्री में धमाका कर दिया था। जब इन्होंने पहली बार हिंदी सिनेमा में काम किया था तो बॉलीवुड के सितारे उनके एक्टिंग की तारीफ करते नहीं थके थे। इतना ही नहीं बल्कि अमिताभ बच्चन, दिलीप कुमार, मिथुन और जैकी श्रॉफ जैसे बड़े सुपरस्टार इस अभिनेता के फैन हो गए थे। अभिनेता का नाम रघुवरण है। इन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। खासकर विलेन के किरदार में इन्हें बड़ी सफलता हासिल हुई। आज 19 मार्च को रघुवरण की पुण्यतिथि है। तो चलिए जानते हैं उनके जीवन से जुड़े कुछ अनसुने किस्से..

साउथ में नहीं बना नाम तो बॉलीवुड में आए
वैसे तो रघुवरण ने अपने करियर की शुरुआत साउथ फिल्मों से की थी लेकिन यहां पर उन्हें कोई खास सफलता हासिल नहीं हुई। दरअसल, उन दिनों रघुवरण के लिए साउथ फिल्मों में कोई अच्छे किरदार नहीं लिखे गए जिसकी वजह से उन्होंने बॉलीवुड इंडस्ट्री की तरफ रुख किया। बॉलीवुड में रघुवरण को लाने का श्रेय मशहूर डायरेक्टर रामगोपाल वर्मा को जाता है। उन्होंने फिल्म ‘शिवा’ में रघुवरण को गैंगस्टर के तौर पर लिया था। वही रघुवरण ने भी गैंगस्टर भवानी चौधरी का किरदार इस कदर निभाया कि दर्शकों के दिलों में छाप छोड़ बैठे। इतना ही नहीं बल्कि पहली ही बॉलीवुड फिल्म से रघुवरण हर तरफ छा गए। लोग उनके बारे में बात करने लगे और बॉलीवुड सितारे भी उनके मुरीद हो गए थे।

अमिताभ को दी पटखनी
जब रघुवरण ने अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म ‘लाल बादशाह’ में काम किया तो यूं मानिए की इंडस्ट्री को एक नया विलेन मिल गया। इन दिनों अमरीश पुरी, प्रेम चोपड़ा, रंजीत, शक्ति कपूर जैसे सितारे विलेन बनते थे लेकिन रघुवरण ने एक झटके में इन सब की लाइमलाइट चुरा ली थी। रघुवरण लाला बादशाह में काम करने के बाद हिंदी सिनेमा के सबसे खतरनाक विलेन बनाकर साबित हुए थे। रघुवरण को सुनील शेट्टी की फिल्म ‘रक्षक’ के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने इस फिल्म में भी विलेन का किरदार निभाया था और इस किरदार से खूब लाइमलाइट लूटी थी।

इसके बाद उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती की फिल्म ‘हिटल’र में काम किया। फिर वह जैकी श्रॉफ की फिल्म ‘ग्रहण’ में नजर आए। ऐसे करते-करते रघुवरण कब बॉलीवुड इंडस्ट्री के सबसे सुपर विलेन बन गए किसी को पता ही नहीं चला। हर कोई उनके साथ काम करने के लिए बेकरार रहता था। हालांकि बॉलीवुड इंडस्ट्री में विलेन का तमगा पाने के बाद रघुवरण को एक्टिंग दुनिया में आने का अफसोस हुआ।

किसान होते तो ज्यादा खुश होते
उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह अभिनेता होने की बजाय एक अच्छे किसान होते तो इससे ज्यादा खुश होते। उन्होंने कहा था कि, “मैं एक किसान के रूप में जीवनयापन करके अधिक खुश होता। मैं अपनी फसल बेचने से जो भी थोड़ी-बहुत कमाई करता, उससे संतुष्ट रहता। मैं अपनी फसलों को देखता और बारिश की उम्मीद में सो जाता। मैं मुर्गिया, भेड़ें और कुत्ते पालता और उन्हें खाना खिलाता । मुझे अपने साथ रखने के लिए सिर्फ एक व्यक्ति की आवश्यकता होती। यही जीवन है। हम जो जी रहे हैं वह नहीं है।”

पत्नी से तलाक के बाद टूट गए थे रघुवरन
बात की जाए उनकी निजी जिंदगी के बारे में तो उन्होंने अभिनेत्री रोहिणी से शादी रचाई थी। शादी के बाद उनके घर बेटे ऋषि वरुण का जन्म हुआ लेकिन साल 2004 में दोनों का तलाक हो गया। पत्नी से अलग होने के बाद रघुवरण टूट गए थे और उन्होंने शराब का सहारा लिया, लेकिन यही शराब उनकी जिंदगी का अंत बन गई। दरअसल, 19 मार्च 2008 को रघुवरण हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए और उनकी मृत्यु का कारण अत्यधिक शराब का सेवन बताया गया था। भले ही रघुवरण आज हमारे बीच ना हो लेकिन उनकी शानदार एक्टिंग आज भी याद की जाती है।

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