सिर्फ 15 मिनट चला था पहला Oscar, जानिए कब और कैसे हुई इसकी शुरुआत? ऑस्कर मिलने के क्या फायदे?

ऑस्कर विजेता बनने के बाद एक्टर, डायरेक्टर की ब्रांड वैल्यू काफी हद तक बढ़ जाती है।

इन दिनों हर तरफ ऑस्कर अवार्ड को लेकर चर्चा हो रही है। 10 मार्च 2024 को कैलिफोर्निया के डॉल्बी थियेटर में ऑस्कर अवार्ड का समारोह हुआ जिसमें कई फिल्मी सितारों ने दस्तक दी। ऑस्कर के लिए नॉमिनेट होने वाले सदस्यों के साथ-साथ फैंस भी इसका काफी बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि कम लोग जानते हैं कि ऑस्कर का अवार्ड क्यों दिया जाता है और उसकी शुरुआत कैसे हुई? आज हम आपको इसका पूरा इतिहास बताने वाले हैं। तो चलिए जानते हैं ऑस्कर अवार्ड से जुड़ी छोटी-छोटी बातें..

फिल्म जगत का सबसे बड़ा अवॉर्ड
बता दें, ऑस्कर अवार्ड फिल्म जगत का सबसे बड़ा अवार्ड है। इस हर साल अमेरिका की अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज की तरफ से आयोजित किया जाता है। बात साल 1927 की है जब एमजीएम स्टूडियो के हेड लुइस बी मेयर और अन्य लोगों ने फिल्म इंडस्ट्री को फायदा पहुंचाने के लिए एक संगठन बनाने पर बातचीत की। इसके बाद जनवरी 1927 में लॉस एंजेलिस के एम्बेसडर होटल में एक डिनर पार्टी आयोजित की गई जहां पर करीब 36 लोग इसमें शामिल हुए और इन्होंने इस संगठन पर बातचीत की। दिलचस्प बात यह है कि पार्टी में मौजूद सभी लोगों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

कई कलाकारी के बीच से चुनी गई अवॉर्ड की डिजाइन
इसके बाद संगठन ने सबसे पहले राइटर, डायरेक्टर, एक्टर और टेक्निशियन की ब्रांच बनाई। फिर अवार्ड ट्रॉफी के लिए कई कलाकारों से उनके डिजाइंस पेश करने को कहा। इसी बीच मूर्तिकार जॉर्ज स्टेनली की बनाई हुई डिजाइन को पसंद किया गया और इसे ऑस्कर की ट्रॉफी के नाम समर्पित कर दिया। बता दे यह ट्रॉफी धातु से बनी है और मूर्ति पर गोल्ड की लेयर रहती है। रिपोर्ट की माने तो ऑस्कर ट्रॉफी 13.5 इंच लंबी है जबकि इसका वजन 8.5 पाउंड यानी 3.85 किलो होता है।

क्यों पड़ा ऑस्कर नाम?
बहुत कम लोग जानते हैं कि ऑस्कर अवार्ड का असली नाम ‘अकादमी अवार्ड ऑफ मेरिट’ है लेकिन दुनिया भर में इसे ऑस्कर अवार्ड के नाम से जाना जाता है। इसके पीछे की भी दिलचस्प कहानी है। दरअसल, अकादमी लाइब्रेरियन मार्गरेट हेरिक को अकादमी पुरस्कार ट्रॉफी का नाम ‘ऑस्कर’ रखने का श्रेय दिया जाता है। रिपोर्ट की माने तो इस ट्रॉफी का नाम ऑस्कर इसलिए रखा गया क्योंकि हेरिक को यह ट्रॉफी उनके अंकल ऑस्कर जैसी लगी थी। बस फिर क्या था इसे दुनिया भर में ऑस्कर के नाम से पहचान गया। इस अवॉर्ड शो का सबसे पहला आयोजन 16 मई 1929 को किया गया था जो केवल 15 मिनट ही चला था। ये ऑस्कर अवॉर्ड अमेरिका के एक होटल में आयोजित किया गया था।

ऑस्कर जीतने वाले को कई फायदे
ऑस्कर विजेता को इस ट्रॉफी के बाद कई फायदे होते हैं। दरअसल, ऑस्कर विजेता बनने के बाद एक्टर, डायरेक्टर की ब्रांड वैल्यू काफी हद तक बढ़ जाती है। ऑस्कर विजेता और प्रत्याशियों को इनाम में एक गुडी बैग भी दिया जाता है जिसमें हजारों डॉलर होते हैं।

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