मिलिए ‘हीरामंडी’ की असली तवायफ से, इनकी अदा पर फ़िदा थे कई लोग, फिल्मों में भी किया कमाल, पति ने कर दी हत्या!

नरगिस ने फिल्म 'इशरत' से अपने करियर की शुरुआत की जिसके बाद वह 'लव इन जंगल', 'अंदाज', 'लैला मजनू', 'अफसाना' जैसी 100 से ज्यादा फिल्मों में नजर आई।

हिंदी सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ 1 मई को नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो गई है। इस सीरीज को देखने के बाद हर कोई अपना अपना रिव्यू दे रहा है। बता दे यह वेब सीरीज हीरा मंडी की तवायफों पर आधारित है जो एक समय पर बहुत मशहूर हुआ करती थी। इतना ही नहीं बल्कि उनकी एक अदा पर लाखों लोग उनके कदमों में बिछ जाते थे। उन्हीं की कहानी संजय लीला भंसाली ने पर्दे पर उतारी है। लेकिन क्या आप जानते हैं हीरामंडी की असली तवायफ के बारे में। यदि नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं पूरी कहानी…

भंसाली का 18 साल पुराना ख्याल है हीरामंडी
सबसे पहले बात कर लेते हैं संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरा मंडी’ के बारे में जिसमें मनीषा कोइराला, सोनाक्षी सिन्हा, अदिति राव हैदरी, रिचा चड्ढा, संजीदा शेख जैसी अभिनेत्री ने तवायफों के किरदार निभाए हैं और इन किरदारों के साथ इन्होंने बखूबी न्याय भी किया है। जहां मनीषा कोइराला ने अपनी एक्टिंग से लोगों का दिल जीत लिया तो वहीं सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी अदायगी से हर किसी को अपना बना लिया। बता दे हीरामंडी भंसाली के करीब 18 साल की मेहनत है। जी हां.. उनके दिमाग में 18 साल पहले यह आइडिया आया था और अब यह पर्दे पर साकार हुआ है। यह तो पर्दे की बात हुई अब बात करते हैं असल तवायफ के बारे में।

एक झलक देखने के लिए मर मिटते थे लोग
दरअसल, जिस हीरा मंडी की तवायफ के बारे में हम बात कर रहे हैं वह पाकिस्तान की एक मशहूर एक्ट्रेस थी, उनका नाम निग्गो उर्फ नरगिस बेगम था। बता दे निग्गो ने करीब 100 से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। जब-जब उन्होंने पर्दे पर काम किया वह हिट रही और लोगों ने भी उन्हें खूब पसंद किया। नरगिस का जन्म लाहौर के रेड लाइट एरिया ‘हीरा मंडी’ में हुआ था, उनकी मां तवायफ हुआ करती थी जो परिवार के गुजारे के लिए मुजरा किया करती थी। ऐसे में मां को देखते देखते निग्गो भी उन्हीं के नक्शे कदम पर चली और बचपन से ही डांस करने लगी। धीरे-धीरे निग्गो ट्रेडिशनल डांस में इतनी माहिर हो चुकी थी कि उनको देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो जाती थी।

100 से ज्यादा फिल्मों में किया काम
यह वही दौर था जहां पर सिनेमा तो शुरू हो गया था लेकिन औरतों को इसमें काम करने की इजाजत नहीं थी। फिल्मों में हीरो के साथ-साथ हीरोइन को जरूरत होती ही थी, ऐसे में प्रोड्यूसर के पास सवाल उठता था कि आखिर वह हीरोइन लाए तो लाए कहां से? इसकी वजह से वे तवायफों के ठिकाने पर जाते थे। कहा जाता है कि इसी बीच एक पाकिस्तानी प्रोड्यूसर की नजर निग्गो पर पड़ी और उनकी खूबसूरती, डांस और चेहरे के एक्सप्रेशन देखकर वे उनका दीवाना हो गया और उन्होंने अपनी फिल्म में ले लिया। निग्गो भी हीरामंडी जैसे नरक से निकलना चाहती थी और तुरंत वह फिल्म के लिए तैयार हो गई। इसके बाद नरगिस ने फिल्म ‘इशरत’ से अपने करियर की शुरुआत की जिसके बाद वह ‘लव इन जंगल’, ‘अंदाज’, ‘लैला मजनू’, ‘अफसाना’ जैसी 100 से ज्यादा फिल्मों में नजर आई।

पति ने क्यों की हत्या?
इसी बीच निग्गो ने मशहूर प्रोड्यूसर ख्वाजा मजहर के साथ शादी रचा ली और एक नई जिंदगी की शुरुआत की। ऐसे में उन्होंने हीरामंडी से भी अपने रिश्ते तोड़ने चाहे लेकिन उनका परिवार हीरामंडी में उन्हें वापस बुलाना चाहता था जिसकी वजह से उन्होंने तमाम कोशिश की। इस बीच उनकी मां ने तबीयत खराब होने का नाटक भी किया जिसके चलते निग्गो अपने पति को छोड़कर हीरामंडी में आ गई।

ख्वाजा निग्गो के बिना नहीं रहना चाहते थे जिसकी वजह से उन्होंने निग्गो को वापस अपने पास बुलाना चाहा, लेकिन निग्गो ने लौटने से इनकार कर दिया। कहा जाता है कि मजहर ख्वाजा के लाख बुलाने के बाद भी निग्गो उनके पास नहीं आई जिसके बाद गुस्से में ख्वाजा ने उन पर सरेआम बंदूक चला दी। ऐसे में एक के बाद एक उन्हें कई गोलियां लगी और उन्होंने तुरंत दम तोड़ दिया। इसके बाद ख्वाजा मजहर को उम्रकैद की सजा सुनाई गई और इस तरह से एक तवायफ की कहानी हमेशा के लिए खत्म हो गई।

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